राज्यसभा चुनाव
राज्यसभा चुनाव को लेकर इस बार राजनीति में बहुत कुछ नया दिखाई दे सकता है। राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन को लेकर समाजवादी पार्टी ने तो अपने दो उम्मीदवार घोषित कर दिये हैं और उनका नामांकन भी हो गया है। भाजपा के नाराज विधायकों के सहारे अखिलेश तीसरा उम्मीदवार उतारने की बात कर चुके हैं। लेकिन रामगोपाल यादव के बाद धन कुबेर धनराज को राज्यसभा भेजने के समाजवादी पार्टी के फैसले को लेकर चर्चाएं बहुत गरम हो गई है। हालांकि समाजवादी पार्टी दस साल से सत्ता से दूर है और पार्टी को चलाने के लिए बहुत कुछ जरूरी होता है। इसलिए धनराज को लाना कहीं ना कहीं पार्टी की मजबूरी भी रही होगी लेकिन धनराज की घोषणा के बाद सपा के पीडीए पर सवाल खड़े हो गये हैं। गैरसपाई दलों का मानना है कि गरीबों की बात करने वाले पीडीए की बात करने वाले अखिलेश यादव ने एक धन कुबैर को उम्मीदवार बना दिया। हालांकि भाजपा को पहले से ही धन कुबेरों की पार्टी रही है और राज्यसभा में अधिकतर वही लोग उम्मीदवार भी बनाये गये हैं लेकिन क्योंकि सपा को किसी पहली बार उम्मीदवार बनाया है तो सवाल उठाना स्वाभाविक है। वैसे भी सपा के पीडीए से भाजपा चिंतित है लेेकिन धनराज के आने के बाद अब भाजपा सपा के पीडीए पर और हमलावर हो सकती है। हालांकि अब समाजवादी अब जब तीसरा उम्मीदवार उतारती है तो चर्चा है वो पीडीए से ही होगा। वहीं अखिलेश यादव और ब्रजभूषण सिंह की निकटता और बयानबाजी को लेकर भी सोशल मीडिया पर बहुत कुछ चल रहा है। वहीं भाजपा भी जातीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए इस बार राज्यसभा में उम्मीदवार उतारेगी। इन उम्मीदवारों के चयन में 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव की झलक होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जाट नेता को राज्यसभा में जाने का मौका मिलेगा। हालांकि पूर्व सांसद सतपाल चौधरी और संजीव बालियान के नाम चर्चाओं में हैं लेकिन इस बात की चर्चा है कि सतपाल चौधरी को मैदान में उतारा जाए। क्योंकि संजीव बालियान ने अभी हाल ही में जो बयानबाजी की थी और कॉन्सिट्टयूजशंस क्लब के चुनाव में जिस तरह अपनी ही पार्टी के खिलाफ माहौल बनाया था वो उनके उम्मीदवार बनने में जहां बाधा बन रहा है वहीं संगीत सोम से उनका छत्तीस का आंकड़ा है और यूपी के मुख्यमंत्री से भी ठीक टयूनिंग नहीं है। लेकिन अगर बात जाट समाज की की जाए तो भाजपा के लिए और के मुकाबले संजीव बालियान फायदे का सौदा होंगे। अब देखना है कि किसकी लॉटरी खुलती है और किसके अच्छे दिन आएंगे। जय हिंद