गाजियाबाद (युग करवट)। यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स हमेशा से ही महिलाओं विशेषकर वंचित वर्ग की महिलाओं को लेकर जागरूकता अभियान से लेकर इलाज को लेकर कार्य कर रहा हैं। देश की आधी आबादी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में भी यशोदा अस्पताल काम कर रहा है। इसी कड़ी में ब्रिक्स डब्ल्यूबीए ने महिला नेतृत्व विकास पर समिट 2026 में उच्च स्तरीय पैनल चर्चा की। इस पैनल चर्चा का संचालन यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की प्रबंध निदेशक डॉ.उपासना अरोड़ा ने किया। इस अवसर पर डॉ. उपासना अरोड़ा ने कहा कि तकनीक तभी प्रभावी होगी जब उसे प्रशिक्षित लोगों और मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था का साथ मिले। इससे मरीजों को जागरूकता से लेकर इलाज तक लगातार बेहतर देखभाल मिल सकेगा। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा, डिजिटल स्वास्थ्य और एआई को प्रभावी ढंग से जोडऩे पर जोर दिया और कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और समय से इलाज मिलने पर महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर किया जा सकता है। डॉ. अरोड़ा की भागीदारी ब्रिक्स डब्ल्यूबीए के हेल्थकेयर वर्किंग ग्रुप में उनके नेतृत्व को मजबूत करती है।
यह पैनल चर्चा ‘इनोवेटिंग फॉर वुमेंस हेल्थ: ब्रिजिंग प्राइमरी केयर, टेक्नोलॉजी एंड एक्सेस’ विषय पर केंद्रित थी। इस सत्र में स्वास्थ्य सेवा और उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस पैनल चर्चा में डॉ.उपासना अरोड़ा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस पैनल में भारत, ईरान, रूस और ब्राजील से महिला स्वास्थ्य क्षेत्र के हितधारक शामिल थे।