कविनगर रामलीला में भूमि पूजन से पहले शुरू हुआ विवाद
कराएंगे मुकदमा दर्ज
नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। कविनगर रामलीला मैदान में रामलीला मंचन के लिए 30 अगस्त को भूमि पूजन किया जाना है। इसको लेकर विवाद शुरू हो गया है। पूर्व सांसद और रामलीला समिति के आजीवन सदस्य रमेश चंद्र तोमर ने कविनगर मैदान में होने वाले भूमि पूजन को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि जिस समिति को डिप्ट्री रजिस्ट्रार द्वारा हटा दिया गया था, वह समिति कैसे मैदान में कोई गतिविधि करा सकती हैं। रामलीला समिति किसी की बापौती नहीं है कि कोई भी अपने अपनी समिति बना लें और कार्यक्रम करा लें। पूर्व सांसद रमेश चंद्र तोमर ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब डिप्ट्री रजिस्ट्रार द्वारा पूरी समिति को ही समाप्त कर दिया गया था और पूर्व अध्यक्ष रामकुमार को फिर से अध्यक्ष नामित किया था, ऐसे में फिर कैसे अन्य कोई अपने स्तर से समिति का गठन कर सकता है। ऐसा कोई संविधान नहीं हैं ना हीं कोई नियम की, समिति अपने मर्जी से गठित कर ली जाए। पूर्व सांसद ने बताया कि इस मामले में यह समिति हाईकोर्ट भी गई थी, लेकिन कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई से ही इंकार कर दिया था। तो फिर यह समिति कैसे अस्तित्व में रह सकती है। ना हीं किसी प्रकार का कोई आयोजन करा सकती है। पूर्व सांसद ने कहा कि वह इस मामले में ना सिर्फ डिप्टी रजिस्ट्रार को शिकायत करेंगे बल्कि मुकदमा भी दर्ज कराएंगे ताकि अवैध गतिविधियों पर रोक लगे। उन्होंने जिस समिति द्वारा भूमि पूजन कराया जा रहा है, उसे पूरी तरह से अवैध करार दिया है। उनके द्वारा की जा रही गतिविधियों को भी अवैध बताया है।
पूर्व सांसद ने कहा कि कविनगर रामलीला कमेटी को लेकर विवाद लंबे समय से चल रहा है और इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी जारी है। ऐसे में विवाद का निस्तारण होने से पहले रामलीला मैदान में भूमि पूजन कराया जाना नियमों के अनुरूप नहीं माना जा सकता। पूर्व सांसद ने कहा कि विवाद की स्थिति में जब समिति को ही समाप्त कर दिया गया था तो फिर किन नियमों के तहत नए अध्यक्ष को चुना गया, क्या प्रक्रिया अपनाई गई। इसको कोई स्थिति स्पष्टï नहीं है। फिर कैसे कोई खुद की समिति घोषित कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस समिति द्वारा कराए जाने वाले सभी कार्यो पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग करेंगे। समिति में इस तरह की मनमानी नहीं चलने दी जाएंगी।