रामपुर (युग करवट)। पद्मश्री एवं जाने-माने शायर डॉ. बशीर बद्र साहब के इंतकाल पर रामपुर में उन्हें खिराजे-अकीदत पेश की गई। जाने-माने शायर इंजीनियर शकील गोस अजहर इनायती एवं जिया इनायती साहब ने डॉ. बशीर बद्र को खिराजे-अकीदत पेश करते हुए कहा कि मुशायरे की दुनिया का एक सितारा हमेशा के लिए चला गया। लेकिन उनके जो शेर है वो रहती दुनिया तक याद रहेंगे। जिया इनायती ने बताया कि कई बार मुशायरों के मंचों पर डॉ. बशीर बद्र के साथ $गज़ल पढऩे का मौका मिला। उन्होंने कहा कि शायर दुनिया से चले जाते हैं लेकिन शेर उनके हमेशा याद रहते हैं। डॉ. बशीर बद्र दुनिया के वो शायर थे जिन्होंने हर दौर में हर हालात पर शेर लिखे और आज की युवा पीढ़ी को भी उनके शेर याद हैं। डॉ. जिया इनायती ने बताया कि कई शेर तो उनके ऐसे हैं जिनको अंतर्राष्टï्रीय स्तर शौहरत मिली-
‘ये फूल मुझे कोई विरासत में मिले हैं,
तुमने मेरा कांटो भरा बिस्तर नहीं देखा है।।’
उन्होंने बताया कि साहित्यिक एकेडमी और पद्मश्री अवॉर्ड याफ्ता बशीर बद्र हमेशा याद रहेंगे।