नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। इन दिनों में जिले में स्वगणना अभियान चल रहा है। लेकिन जिले में महज छह दिन में कुल 18 हजार परिवारों ने ही पोर्टल पर अपनी स्वगणना दर्ज की है। जबकि पहले दिन जिले के 5234 परिवारों ने स्वगणना में अपना सहयोग दिया। लेकिन अभियान की रफ्तार उतनी नहीं बढ़ रही है जिसकी उम्मीद प्रशासन को थी। हालांकि लगातार आम जन को स्वगणना के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी जहां प्रचार किया जा रहा है वहीं विभिन्न संगठनों के सहयोग से विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
इतना ही नहीं स्कूल-कॉलेजों में छात्रों को स्वगणना का होमवर्क देकर परिजनों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। बता दें कि जनवरी 2025 में जिले की सम्भावित आबादी करीब 45 लाख दर्ज की गई थी। जिसमें से अभी तक 18 हजार परिवारों ने अपनी खुद की गणना दर्ज की है। अगर एक परिवार में अनुमानित चार सदस्यों को गिना जाए तो भी यह आंकड़ा 72 हजार आबादी का ही बैठता है जबकि जिले में करीब 12 लाख परिवार के पास बिजली कनेक्शन हैं। इस लिहाज से भी स्वगणना का यह आंकड़ा बेहद कम है। हालांकि अभी यह अभियान नौ दिन और चलेगा उसके उपरांत 22 मई से जनगणना कर्मी घर-घर जाकर गणना करेंगे। अगर स्वगणना का आंकड़ा बढ़ता है तो जनगणना कर्मियों पर काम का दबाव कम होगा और सिर्फ आईडी के माध्यम से परिवार को आंकडा वेबसाइट पर सिंक करने का काम करेंगे, लेकिन जिन परिवारों ने स्वगणना नहीं की, उनका पूरा ब्यौरा ऑनलाइन दर्ज करना होगा। ऐसे में जिला प्रशासन अधिक से अधिक स्वगणना पर जोर रहा है ताकि समय से जिले में जनगणना का कार्य पूरा हो सके। जिला जनगणना अधिकारी सौरभ भट्ट ने बताया कि नागरिकों को निरंतर जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है, संगठनों से भी अपील की गई है कि वह इस अभियान में अपनी भागीदारी निभाएं जिससे अभियान को जिले में सफल बनाया जा सके।