गाजियाबाद (युग करवट)। कल युग करवट के इसी अंक में नियमित कॉलम तीसरी आंख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा डीजल-पेट्रोल के इस्तेमाल पर खपत कम करने की अपील पर छापा गया था कि प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन होना चाहिए लेकिन पहले इसकी शुरूआत घर से होना चाहिए। ‘घर से होना चाहिए पहले शुरूआत’ शीर्षक से प्रकाशित किया गया था। तीसरी आंख में प्रकाशित इस लेख का काफी असर दिखाई दिया।
लोगों ने जहां डीजल और तेल की खपत कम करने का समर्थन किया वहीं अब प्रधानमंत्री ने इसकी शुरूआत अपने घर से की है। उन्होंने अपने काफिले में कटौती कर दी है। वहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने काफिले में कटौती कर दी है। युग करवट तीसरी आंख में लिखा था कि सबसे पहले वीवीआईपी लोगों को मुख्यमंत्रियों को, मंत्रियों को अपने काफिले में कटौती करना चाहिए और वही देर रात तक हो गया। अब जाहिर है कि जब घर से शुरूआत हो गई है तो देशवासियों को भी प्रधानमंत्री की अपील पर भी अमल करना चाहिए। दरअसल, तेल का संकट और गैस का संकट आगे बढऩे वाला है। प्रधानमंत्री का संकेत अपने आप में बड़ा संदेश है। देश में वर्क फ्रॉम होम भी लागू होने वाला है। हालांकि लोग इसको सरकार की आलोचना के तौर पर देख रहे हैं और कह रहे हैं कि चुनावी मौसम में कहीं कोई पाबंदिया दिखाई नहीं दी।
अब चुनाव बाद फिर एक बार देशवासियों को संकट में डाला जा रहा है। बसपा प्रमुख मायावती ने भी प्रधानमंत्री की अपील पर यही कहा है कि वो कोरोना की याद दिला रहे हैं। आप को ये भी याद होगा कि ईरान-अमेरिका युद्घ के दौरान अभी हाल ही में प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा था कि हमें कोरोना जैसे समय के तहत ही अपने आपको ढालना है। लेकिन बीच में पांच राज्यों में चुनाव के कारण फिर इस पर कोई विचार नहीं हुआ था। अब एक बार फिर देश में डीजल-पेट्रोल और गैस के संकट को लेकर सरकार अपील कर रही है।
जाहिर है कि आने वाला समय संकट भरा हो सकता है। गैस की डिलीवरी जो 25 दिन में हो रही थी अब वो फिर एकदम बढ़ गई है। पहले तो 25 दिन में बुकिंग हो नहीं रही है यदि हो भी जाती है तो फिर डिलीवरी में समय लग रहा है। इसीलिए प्रधानमंत्री ने जो अपील की है उसको ध्यान में रखना है। वहीं सोना-चांदी को लेकर प्रधानमंत्री की अपील का उल्टा असर दिखाई दे रहा है। लोगों ने इस अपील को सही नहीं माना।
प्रधानमंत्री की अपील के बाद सोने का भाव एकदम बढ़ गया है और कारोबारियों का कहना है कि इस तरह की अपील से कारोबार चौपट हो जाएगा। बहरहाल प्रधानमंत्री की अपील के पीछे कोई बड़ा संदेश है और हो सकता है आने वाले दिनों में वो देश को संबोधित करें और कोई नया फरमान जारी हो।