विपक्ष की कार्यशैली पर उठाएं सवाल, महाभारत काल का दिया उदाहरण
नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भाजपा के राष्टï्रीय प्रवक्ता व सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता गौरव भाटिया ने एक प्रेसवार्ता कर विपक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाएं। गौरव भाटिया ने महाभारत काल का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह से महाभारत में नारी शक्ति के अपमान पर कौरव हंसे थे, वैसे ही कुछ सांसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल गिरने पर विपक्ष के लोगों ने मेज थपाथपाकर हंसी उड़ाई थी। यह देश इसको कभी भूलेगा नहीं। उन्होंने कहा कि यह विचारों की लड़ाई है। गौरव भाटिया ने कहा कि इस अधिनियम के आने से सामान्य महिलाएं भी संसद की दहलीज तक पहुंचती। लेकिन प्रियंका गांधी वाड्रा, डिम्पल यादव, ममता बनर्जी, सोनिया गांधी जैसी शाही परिवार की महिलाएं अपनी बगल की सीट पर किसी सामान्य महिला को बैठे देखना सहन नहीं कर सकती। गौरव भाटिया ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का इतिहास महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के प्रति केवल दिखावटी संवेदनशीलता का रहा है। जब भी महिलाओं को वास्तविक अधिकार देने की बात आती है, ये दल एकजुट होकर उसका विरोध करते हैं। जब सांसद में तीन तलाक को लेकर बिल पास हुआ, तब भी मौलाना अखिलेश ने इसका विरोध जताया। आज भी वह महिला आरक्षण पर विरोध जता रहा हैं। यह बताता है कि महिलाओं को लेकर विपक्ष की क्या सोच है। राष्टï्रीय प्रवक्ता ने कहा कि
नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने का ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम है, लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इसे कमजोर करने और भ्रम फैलाने में लगी हुई हैं। यह उनके वास्तविक इरादों को उजागर करता है। लेकिन आज महिलाएं नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व पूर्ण विश्वास जता रही हैं। यह बिल देश की 70 करोड़ महिलाओं को सशक्त बनाना वाल बिल था।
उन्होंने कहा कि आज राहुल और अखिलेश ने मिलकर एक जैसी नकारात्मक सोच बना ली है, जो महिलाओं को अधिकार मिलने से रोकने की कोशिश कर रही है। यह गठजोड़ महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ खड़ा दिखाई देता है जिसे देश की महिलाएं कभी माफ नहीं नहीं करेंगी। राहुल गांधी को देश की महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए। जिस तरह से उनकी पार्टी इस ऐतिहासिक विधेयक का विरोध कर रही है, वह महिलाओं के सम्मान के साथ सीधा अन्याय है। गौरव भाटिया ने कहा कि अखिलेश मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण देने की बात करते हैं, इस पर उन्होंने संविधान पुस्तक को दिखाते हुए कहा कि अक्सर यह पुस्तक राहुल गांधी भी दिखाते हैं, लेकिन उनकी किताब में क्या होता है, वह उन्हें खुद नहीं पता। उन्होंने कहा कि इस संविधान में डॉ.भीमराव अम्बेडकर ने धर्म के आधार पर आरक्षण की बात नहीं कही है। लेकिन अखिलेश मुस्लिम आरक्षण की बात कर देश की महिलाओं को बांटना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार इस बिल के पास होने का क्रेडिट भी नहीं लेना चाहती थी, स्वंय मोदी जी ने भी कहा कि यह बिल पास होगा तो विपक्ष के नेताओं के नाम से होर्डिंग लगवा कर उन्हें इसका क्रेडिट दिया जाएगा। इसके बाद भी विपक्ष ने देश की महिलाओं को कमजोर करने का प्रयास किया। यही होता है, छोटी पार्टी, छोटी सोच और छोटे लोग, कभी बड़ा नहीं सोच सकते हैं। गौरव भटिया ने आगे कहा कि जो दल वर्षों तक सत्ता में रहे, उन्होंने महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए। प्रेसवार्ता में जिलाध्यक्ष चैन पाल सिंह, महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, पूर्व महापौर आशा शर्मा, महानगर महामंत्री पंकज भारद्वाज, गौरव चोपड़ा, प्रदीप चौधरी, नीरज शर्मा, करण शर्मा, नवनीत मित्तल, देवेन्द्र चौधरी, अमित चौधरी, पवन सोम, आकाश गौतम आदि मौजूद रहे।