संस्थान ने तैयार किए तीन स्वदेशी परीक्षण उपकरण
नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। संजयनगर में स्थित निट्रा संस्थान मिल्कवीड के बाद अब भांग के पौधे से भी फाइबर तैयार करने में जुटा है। संस्थान में आयोजित एक प्रेसवार्ता में संस्थान के महानिदेशक डॉ.एमएस परमार ने बताया कि मिल्कवीड पर संस्थान काफी समय से कार्य रहा है जिसके बेहतर रिजल्ट भी आए हैं। लगातार मिल्कवीड की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे अधिक संख्या में फाइबर तैयार किया जा सके। वर्तमान में जितना फाइबर संस्थान तैयार कर रहा है उससे कहीं अधिक डिमांड हैं। इसके अलावा अब भांग के पौधे से भी फाइबर निकालने की योजना पर काम शुरू किया गया है। अभी तक दुनिया के अन्य देशों में इस फाइबर पर काम चल रहा था, लेकिन अब देश में निट्रा को मिल्कवीड के साथ भांग के पौधे से फाइबर तैयार करने की योजना में शामिल किया गया है। सरकार ने न्यू ऐज फाइबर स्कीम के तहत दस ऐसे पौधों को चिन्हित किया गया है जिससे फाइबर तैयार किया जा सके। जिसमें तीन पौधे मिल्कवीड, फ्लैक्स व हेम्प से फाइबर निकालने की जिम्मेदारी संस्थान को दी गई है। डॅा.एमएस परमार ने बताया कि भांग के पौधे से सामान्य दिनों में पहने जाने वाले कपड़े तैयार हो सकेंगे जिससे देश में टैक्सटाइल इंडस्ट्री को लाभ मिलेगा और उन्हें कपड़ों के कच्चे माल पर दूसरे देशों पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा। डॉ.परमार ने बताया कि मिल्कवीड से तैयार कपड़े अभी सीआरपीएफ व आईटीबीपी द्वारा अत्याधिक ठंड वाले दुर्गम क्षेत्रों में ट्रायल किए जा रहे हैं। इसके अलावा संस्थान ने तीन ऐसी एडवांस तकनीक की मशीनों का निर्माण किया है जिस पर अभी तक दूसरे देशों पर निर्भरता थी। इसमें कनेक्टिविटी हीट टेस्टर, रेडियंट हीट टेस्टर व कांटैक्ट हीट टेस्टर है। इन उपकरणों की सहायता से अग्निशमन सूट, औद्योगिक सुरक्षा परिधान, रक्षा उपयोग के वस्त्र व अन्य तापरोधी उत्पादों की विभिन्न तापीय सुरक्षा को टेस्ट किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि देश में निट्रा ने पहली फायर मैनिकन टेस्टिंग फैसिलिटी स्थापित की है। यह अत्याधुनिक सुविधा अग्निशमन कर्मियों, रक्षा बलों, उच्च जोखिम औद्योगिक क्षेत्रों में उपयोग होने वाले फायर एंट्री सूट, फ्लेम रेसिटेंट वस्त्र व अन्य प्रोटेक्टिव परिधानों के थर्मल प्रोटेक्शन का मूल्यांकन करने में सक्षम है। इस प्रणाली में सौ से अधिक तापीय सेंसर लगे हैं। यह तीनों मशीनें पूरी तरह से वार्किंग में हैं जिससे संस्थान में उत्पादों की टेस्टिंग बेहतर हो सकी है। डॉ.परमार ने बताया कि जुलाई माह में संस्थान में न्यू एडवांस टेक्नोलॉजी पर राष्टï्रीय कांफ्रेस का आयोजन किया जा रहा है जिसमें अन्य देशों में इस्तेमाल होने वाली तकनीक पर भी चर्चा होगी। तो वहीं 22 जुलाई को संस्थान फाउंडेशन डे भी मनाने जा रहा है।