मनोनीत पार्षद को लेेकर शुरू हुई राजनीति
गाजियाबाद (युग करवट)। नगर निगम के कुछ वरिष्ठ पार्षदों ने मनोनीत पार्षदों को लेकर एक बार फिर से राजनीति शुरू कर दी है। कुछ वरिष्ठ पार्षदों ने एक रणनीति के तहत महापौर सुनीता दयाल व नगर निगम अधिकारियों के बीच मनमुटाव कराने की रणनीति बनाई है। निगम सूत्रों की माने तो नगर आयुक्त विक्रमादित्य मलिक सिंह ने सभी मनोनीत पार्षदों को एक मुलाकात करने के लिए बुलाया और सभी मनोनीत पार्षदों को नगर आयुक्त के सचिव आलोक शर्मा द्वारा फोन पर सूचना प्रदान की गई। इसी बीच नगर निगम के वरिष्ठ पार्षद को इसकी भनक लग गई और उन्होंने सभी मनोनीत पार्षद को महापौर से दूरी बनाने के लिए फोन किया व उन्हें नगर निगम मुख्यालय के सामने एक होटल पर बुलाया और सभी मनोनीत पार्षद से कहा गया कि वे अपने-अपने लेटर पैड पर अपने काम लेकर आए जिन्हें हम नगर आयुक्त से पास कराएगें। काम कराने की खबर नगर आयुक्त और महापौर के पास पहुंची गई। निगम सूत्रों की माने तो काम कराने की खबर सुनने के बाद नगर आयुक्त मनोनीत पार्षद से नहीं मिले। वहीं सूत्रों की माने तो मनोनीत पार्षद भी राजनीति से दूर रहना चाहते है। मनोनीत पार्षदों का कहना है कि हमें मोहरा बनाया जा रहा है, लेकिन हम इस राजनीति से दूर रहना चाहते है।