उपाध्यक्ष की सीट ना होने पर नाराज हुए प्रवीण चौधरी
नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक के शुरू होते ही हंगामा हो गया। नगर निगम उपाध्यक्ष प्रवीण चौधरी मेयर के बराबर में अपनी सीट ना होने पर नाराज हुए और विरोध जताया। तो राजीव शर्मा ने चार महीने देरी से हुई बैठक पर सवाल उठाए। विकास योजनाओं में जनप्रतिनिधियों के नाम अंकित ना होने पर भी विरोध जताया गया। पार्षदों ने अपने अपने वार्डों की समस्याएं भी रखीं। उसके बाद बजट पर चर्चा हुर्ए। निगम को 246 करोड़ की आय हुई है। दोनों को मिलाकर निगम के पास 350 करोड़ की धनराशि बची हुई है। इसमें 2026-27 के लिए 287 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। जो विभिन्न कार्यो में वहन किया जाएगा।
निगम को राजस्व, लाइसेंस, विक्रय, किराया, ठेका, शुल्क, शासकीय अनुदान एवं अन्य मदों व विविध मदों में 246 करोड़ की आय हुई थी।
निगम इस बजट को सार्वजनिक निर्माण, जल सरंक्षण व निस्तारण, प्रकाश, स्वास्थ्य व नगरीय ठोस अपशिष्टï प्रबंधन, उद्यान, शिक्षा खेलकूद, समाज कल्याण व पुस्तकालय, सम्पत्ति एवं प्रवर्तन विभाग, विधि, सामान्य प्रशासन कार्मिक नजारत लेखा, ऋणों का भुगतान, शासकीय अनुदान एवं अन्य मदों, गऊशाला, पशुपालन, अधिष्ठान विभाग कर्मिक लेखा एव आउटसोर्सिंग के मद में खर्च करेगा। निगम ने इसके लिए 287 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया है। निगम को गृहकर, जलकर, सीवरकर, विज्ञापन, प्रेक्षाकार व अन्य करों से करीब सौ करोड़ से अधिक की आय भी हुई है। इसके अलावा सामान्य व स्वास्थ्य लाईसेंस के रूप में भी 21 करोड के करीब आय निगम को मिली है।
निगम ने मलबा शुल्क, रोड कटिंग, सीवर संयोजन, जल संयोजन, बर्थ व डेथ प्रमाणपत्र, वधशाला, अर्थदंड, प्रतिलिपि शुल्क, कांजी हाउस, मेले हाट प्रदर्शनी, निविदो, कोटेशन शुल्क, स्थानों का पंजीकरण शुल्क, साईं मंदिर दानपात्र, यूजर चार्जिज, गऊशाला से आय, एसटीपी द्वारा जल विक्रय, टीएसटीपी द्वारा जलविक्रय से वर्ष 2026-27 में 408 करोड़ की सम्भावित आय का लक्ष्य रखा है। वहीं निगम ने वर्ष 2026-27 में 211 करोड़ व्यय का लक्ष्य भी रखा है। जो पुलिया मरम्मत, पूर्व के अवशेष निर्माण कार्य, वार्डो के अनुरक्षण कार्य, सडक़ निर्माण, स्टोर, भवन निर्माण, मरम्मत कर्य, पैच वर्क, मलिन बस्ती, शहरी गरीबी व ग्रामीण क्षेत्र के विकास, आकस्मिक सडक़ मरम्मत, रोड कटिंग से मिली आय से क्षतिग्रस्त सडक़ निर्माण, सडक़ों का सौंदयीकरण व सुरक्षा, औद्योगिक क्षेत्र में कराए जाने वाले विकास कार्य, महापौर की प्राथमिकता वाले कार्य, नगर आयुक्त के प्राथमिकता वाले कार्य, डीजल व सीडएंडीडी वेस्ट पर 211 करोड़ की धनराशि खर्च प्रस्तावित किया गया है।
बैठक में नगर निगम के विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों के साथ-साथ विकास कार्यो, सफाई व्यवस्था, जल निकासी, सडक़ निर्माण और अन्य नागरिक सुविधाओं को लेकर भी चर्चा हुई।