मार्च बीतने के बाद भी नहीं मिली टैक्स में राहत
गाजियाबाद (युग करवट)। करीब तीन लाख से अधिक लोगों को हाउस टैक्स की बढ़ी हुई दर कम होने की उम्मीद पर पानी फिर गया है। जिस कारण शहर की जनता व व्यापारियों में रोष बना हुआ है। महापौर के बयान के बाद शहर के तीन लाख लोगो ने हाउस टैक्स जमा नहीं किया और अब जनता को १२ प्रतिशत ब्याज के साथ हाउस टैक्स जमा कराना होगा। बढ़े हुए हाउस टैक्स को जमा करने की लास्ट डेट 31 मार्च थी। लेकिन लोग दुविधा में फंसे हैं।
दरअसल, एक तरफ नगर निगम के प्रचार वाहन लोगों से छूट के साथ बढ़ा हुआ हाउस टैक्स जमा करने की अपील कर रहा था। दूसरी ओर महापौर सुनीता दयाल का कहना है कि लोग तभी हाउस टैक्स जमा करें जब कम होने का आदेश आ जाए। महापौर सुनीता दयाल अपने बयान पर कायम हैं उनका स्पष्ट कहना है कि शासन स्तर से गाजियाबाद का हाउस टैक्स कम होने में समय लगेगा। लेकिन नगर निगम अधिकारी आज एक अप्रैल से हाउस टैक्स की बढ़ी दरों के साथ १२ प्रतिशत ब्याज के साथ हाउस टैक्स जमा करेगे।
२०२४ में शुरू हुआ था हाउस टैक्स विवाद
हाउस टैक्स विवाद की शुरुआत वर्ष 2024 में हुई थी। उस समय नगर निगम ने टैक्स निर्धारण की पुरानी व्यवस्था को बदलते हुए शासन से नया टैक्स स्लैब पास करा लिया। इसके बाद मार्च 2025 से डीएम सर्किल रेट यानी जमीन की सरकारी कीमत को आधार बनाकर नई दरें लागू कर दी गईं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद हाउस टैक्स में 200 से 300 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो गई। जिस फ्लैट का वार्षिक टैक्स पहले तीन से साढ़े तीन हजार रुपये होता था, वह बढक़र सीधे 20 से 30 हजार रुपये तक पहुंच गया। इससे खासकर मध्यम वर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ गया।
शासन स्तर पर रद्द हो चुका है बढ़ा हुआ हाउस टैक्स
इसके बाद 10 मार्च, 2026 को मेयर सुनीता दयाल लखनऊ पहुंचीं और शासन के सामने शहर के लोगों की नाराजगी और आर्थिक बोझ का मुद्दा रखा। चर्चा के बाद शासन ने बढ़ी हुई हाउस टैक्स दरों को रद्द कर दिया और पुरानी दरों पर ही टैक्स वसूली का फैसला लिया।
पार्षदों के घर के चक्कर लगा रहे लोग
महापौर और नगर निगम अधिकारियों की विपरीत बातों से जनता बेहद असमंजस में है। क्षेत्र के पार्षदों के पास लोग पूछ रहे हैं कि हाउस टैक्स जमा कराने को लेकर क्या करे। पूर्व पार्षद हिमांशु मित्तल का कहना है कि जब सदन में प्रस्ताव पास हो चुका है कि हाउस टैक्स नहीं बढ़ाया जाएगा फिर भी निगम के वाहन लोगों से जमा करने के लिए कह रहे हैं। ऐसे में सदन की कोई गरिमा ही नहीं बची है।
क्या मिला उद्योग व्यापार मंडल को
नगर निगम के बढ़े हुए हाउस टैक्स को लेकर व्यापारिक संगठनों ने घंटाघर पर धरना शुरू किया था। मगर दूसरे ही दिन धरना समाप्त भी कर दिया गया। बताया गया कि नगर निगम के अधिाकरियों के आश्वासन के बाद धरना खत्म हुआ। अब सवाल उठ रहा है कि जब शहर के लोग 12 प्रतिशत ब्याज भी देंगे तो व्यापारियों का कोन सा आश्वासन दिया गया।
जनता डरे नहीं, नहीं लगेगा ब्याज: सुनीता दयाल
गाजियाबाद (युग करवट)। मेयर सुनीता दयाल ने कहा कि लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। हाउस टैक्स पर कोई अतिरिक्त ब्याज नहीं लगाया जाएगा। बता दें कि वित्तीय वर्ष 2025-26 का हाउस टैक्स जमा करने की मंगलवार को आखिरी तिथि थी। लेकिन हाउस टैक्स में बेतहाशा बढ़ोतरी की वजह से लगभग तीन लाख लोगों ने अभी तक टैक्स जमा नहीं किया है। मेयर ने बताया कि हाउस टैक्स की बढ़ी हुई दरों को लेकर शासन स्तर पर प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही इसे कम करने का नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक स्पष्ट आदेश नहीं आता तब तक लोगों पर किसी तरह का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डाला जाएगा। उन्होंने कहा कि हाउस टैक्स तो कम हो जाएगा लेकिन ऐसे लोग जिनका हाउस टैक्स ज्यादा है और अधिकारियों से साठ-गांठ करके हाउस टैक्स कम जमा कर रहे हैं उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।