गाजियाबाद (युग करवट)। कमिश्नरेट गाजियाबाद पुलिस द्वारा एस्केफ व फेनसेडी कफ सिरप की कालाबाजारी व तस्करी करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह के सदस्य विभोर राणा एवं विशाल सिंह निवासी शास्त्री नगर, सहारनपुर की तस्करी से अर्जित 12.55 करोड़ रुपये मूल्य की सम्पत्ति सीज की है। पुलिस उपायुक्त धवल जयसवाल ने बताया कि अपराध शाखा, स्वॉट टीम व नन्दग्राम पुलिस द्वारा मुखबिर की सूचना पर तीन अप्रेल 2025 को 8 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर 04 ट्रकों से चूने के बोरों के बीच में छिपाकर रखी कुल 1150 पेटी में 1573500 शीशी कोडीन युक्त एस्केफ व फेनसेडी कफ सिरप पकड़ी गई थी। जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ 40 लाख थी।
इसके साथ ही एक क्रेटा कार, 20 लाख रूपये नगद, 2 लैपटॉप व 10 मोबाइल, फर्जी मोबाइल सिम, मुहर व 19 स्ट्रिप आदि दस्तावेज बरामद किये गये थे। श्री धवल ने बताया कि विभोर राणा एवं विशाल सिंह द्वारा सौरव त्यागी, अभिषेक शर्मा तथा पप्पन यादव आदि के साथ मिलकर कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी करते थे। विभोर राणा के नाम से सहारनपुर में पंजीकृत जीआर ट्रेडिग़ कम्पनी तथा कई अन्य फर्मों जैसे एवी फार्मासिटिकल, पड़पडक़गंज, इन्डस्ट्रीयल एरिया दिल्ली, मै0 आरएस फार्मा, राजाहंस प्लाजा इन्दिरापुरम के नाम पर कफ सिरप को एकत्रित कर तस्करी किया जाता था। विवेचना से यह तथ्य प्रकाश में आया कि अभियुक्त विभोर राणा, उसकी पत्नी विशाखा एवं विशाल सिंह, उसकी पत्नी निशा रानी एवं इनके पिता गजराज सिंह सहित पूरे परिवार की कुल आय वर्ष 2020-21 से 2025-26 के दौरान 9,08,86,082 रुपये घोषित की गई। इसी अवधि में इन अभियुक्तों तथा इनके परिवार के सदस्यों द्वारा 22,67,34,087 रुपये की चल अचल खरीदी गई है । इससे स्पष्ट है कि 13,58,48,005/-रुपये की सम्पत्ति नशीली कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी से अर्जित आय से खरीदी गयी है। इन अभियुक्तों तथा उनके परिवार के नाम पर खरीदी गयी कुल 12.55 करोड़ रुपये की चल अचल सम्पत्ति को एनडीपीएस एक्ट के अन्तर्गत फ्रीज किया गया। जिस संपत्ति को फ्रीज किया गया है उनमें दर्रा पठानपुरा में प्लॉट, कोठी, रॉयल सिटी में प्लॉट, दरगाहपुर में प्लॉट, चिड़बना में गैर कृषि भूमि, अहमबाग में मकान व प्लॉट, शक्लापुरी व बदशापुर में कृषि भमि, बदशापुर में प्लॉट, शास्त्रीनगर में मकान, पठानपुरा में कोठी, लश्करपुर में कृषि भूमि, बदकला में प्लॉट, काशकरपुर व चकवाली में कृषि भूमि शामिल हैं।