हाउस टैक्स का मामला
गाजियाबाद (युग करवट)। हाउस टैक्स को लेकर इस समय शहर का माहौल बहुत गरम है। क्योंकि मामला हाईकोर्ट में था और हाईकोर्ट ने निगम के पक्ष में फैसला दिया है इसलिए अब बढ़े हुए हाउस टैक्स का समाधान स्थानीय स्तर पर नहीं होगा। अब जो भी फैसला होगा शासन स्तर पर होगा।
मेयर श्रीमती सुनीता दयाल पहले दिन से ही बढ़े हुए हाउस टैक्स के खिलाफ थी और उन्होंने बोर्ड की बैठक बुलाकर 30 जून 2025 को बढ़े हुए टैक्स का प्रस्ताव रद्द करा दिया था। लेकिन क्योंकि मामला हाईकोर्ट में था इसलिए कोई भी ठोस निर्णय नहीं लिया जा सकता। हाईकोर्ट का फैसला निगम के पक्ष में आने के बाद एक बार फिर सारे जनप्रतिनिधि एक साथ बैठे और कोई समाधान निकाला जाए इस पर चर्चा हुई। क्योंकि अब जो भी फैसला होगा शासन स्तर पर ही होगा।
निगम के अधिकारी कोई फैसला नहीं ले सकते वरना वो कोर्ट की अवमानना होगाी। मेयर सुनीता दयाल सब जनप्रतिनिधियों से सम्पर्क कर रही हैं। इसी कड़ी में महापौर श्रीमती सुनीता दयाल पूर्व सांसद रमेशचंद तोमर से मुलाकात की और जनहित के मुद्दे पर उनसे बात की। सूत्र बताते हैं कि पूर्व सांसद रमेशचंद तोमर भी अब शहर के लोगों से जुड़े इस मुद्दे को लेकर गंभीर हो गये हैं और उन्होंने भी इस बारे में अपनी सक्रिय भूमिका निभाना शुरू कर दिया है।
आपको बता दें कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व सांसद रमेशचंद तोमर अच्छे संबंध हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रमेशचंद तोमर द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लिखी गई पुस्तक का विमोचन करने गाजियाबाद आये थे। तब योगी आदित्यनाथ ने रमेशचंद तोमर से अपनी निकटता का अहसास कराया था।
इसके बाद एक जैन समाज का एक कार्यक्रम हुआ जिसमें रमेशचंद तोमर के कहने पर योगी आदित्यनाथ गाजियाबाद आये थे। पूर्व सांसद डॉ. रमेशचंद तोमर ने बताया कि हाउस टैक्स को लेकर वो मुख्यमंत्री से टाइम लेकर जल्द उनसे मुलाकात करेंगे और इस गंभीर समस्या से अवगत कराएंगे। डॉ. तोमर ने बताया कि हाईकोर्ट का फैसला आ गया है अब इसमें शासन स्तर पर ही कोई निर्णय लिया जा सकता है।
यदि ये मामला हाईकोर्ट नहीं जाता तो फिर ये स्थानीय स्तर पर हल हो सकता था। लेकिन इस मामले में हाईकोर्ट ने निगम के पक्ष में फैसला लिया तो अब सीधे तौर पर ये मामला शासन के पाले में चला गया है। डॉ. रमेशचंद तोमर ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रयास है कि वो टैक्स जनता पर ना बढ़े और इसका अहसास उनके बजट में भी दिखाई दिया। बिना टैक्स बढ़ाये योगी जी ने बजट पेश किया है। इसलिए उम्मीद है कि महाराज जी जरूर जनता के हितों का ख्याल रखते हुए कोई निर्णय लेंगे।