नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। महानगर उद्योग व्यापार मंडल के व्यापरियों ने हाउस टैक्स की नई दरों को निरस्त करने की मांग को लेकर डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने बढ़ी दरों को लेकर प्रदर्शन भी किया।
मंडल के अध्यक्ष गोपीचंद व महानगर महामंत्री अशोक चावला ने बताया कि पूरे प्रदेश में हाउस टैक्स पुरानी दरों के आधार पर ही लिया जा रहा है। लेकिन गाजियाबाद में नगर निगम की महापौर व नगरायुक्त द्वारा नई टैक्स की दरों को ही लागू किया हुआ है। केवल आवासीय संपत्तियों के कर में आंशिक कमी कर औपचारिकता निभाई गई है, जबकि व्यावसायिक संपत्तियों पर बढ़ाए गए हाउस टैक्स में किसी प्रकार की कोई राहत नहीं दी गई है। जिससे व्यापारी वर्ग में निराशा है। व्यापारिायें ने ज्ञापन में मांग की है कि हाउस टैक्स पुरानी दरों के आधार पर ही लिया जाए, उसमें आवश्यकतानुसार दस से बीस प्रतिशत की वृद्घि की जाए जिससे आमजन व व्यापारी वर्ग पर ऑर्थिक बोझ न पड़े। व्यापारियों ने ज्ञापन के माध्मय से कहा कि इस प्रस्ताव को निगम की बोर्ड बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा निरस्त कराया गया था। आंदोलन भी किया गया। लेकिन निगम अभी भी इस निर्णय की अनदेखी कर रहा है और करीब तीन सौ प्रतिशत तक बढ़ा हुआ हाउस टैक्स लागू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के भेजे ज्ञापन में व्यापारियों ने पुरानी टैक्स दरों को लागू करने की मांग की है। ताकि लोगों में आक्रोष समाप्त हो सके। चेयरमैन ब्रिज मोहन सिंघल, अध्यक्ष गोपीचंद, महानगर महामंत्री अशोक चावला, जिला महामंत्री राजदेव त्यागी, सुनील गोयल, राकेश स्वामी, मनोज गर्ग, युवा अध्यक्ष विपिन गोयल, पंकज गुप्ता, डॉ.हरीश शर्मा, अनित मदान, विजय ढींगरा, राजकुमार गर्ग, मुकेश शर्मा, राकेश गुप्ता, हितेन्द्र शर्मा, राकेश कौशिक आदि व्यापारी मौजूद रहे।