गुलमोहर ग्रीन्स सोसायटी के टावरों का मामला
गाजियाबाद (युग करवट)। मोहननगर स्थित गुलमोहर ग्रीन्स सोसायटी में अवैध निर्माण को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिल्डर के साथ-साथ तत्कालीन वीसी अतुल वत्स के खिलाफ भी राज्य सरकार को कार्रवाई के साथ उनकी भूमिका की भी जांच करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने सोसायटी के टावर संख्या 27 और 28 को पूरी तरह ध्वस्त करने और चार अन्य टावरों की नौवीं व दसवीं मंजिल हटाने का आदेश दिया है। कार्रवाई दो महीने में पूरी करनी होगी।
बता दें कि 2006 में स्वीकृत आवासीय मूल परियोजना में 34 टावर और 904 आवासीय इकाइयां प्रस्तावित थी, लेकिन बाद में निर्माण में बदलाव के लिए कई शमन प्रक्रिया अपनाई गई। 18 दिसंबर 2024 को तीसरे शमन आदेश के तहत टावर 16 से 17 की नौवीं, दसवीं मंजिल और टावर 27-28 के निर्माण को मंजूरी दी गई थी, इस आदेश को सोसायटी के निवासियों ने अदालत में चुनौती दी। जिस पर हाईकोर्ट ने तीसरे शमन आदेश को निरस्त कर दिया।
जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस सुधांशु चौहान की डिविजन बेंच ने यह आदेश जारी किए हैं। हाईकोर्ट ने अनिवार्य पूर्णता प्रमाणपत्र के बिना फ्लैटों का कब्जा देने के मामले पर सवाल उठाया और साथ ही बिल्डर के खिलाफ दो सप्ताह के भीतर धोखाधड़ी और यूपी अपार्टमेंट एक्ट के उल्लघंन पर एफआईआर भी दर्ज करने के निर्देश गाजियाबाद पुलिस को दिए हैं। इतना ही नहीं इस मामले में एफआर लगाने वाले इस मामले में हाईकोर्ट ने तत्कालीन वीसी अतुल वत्स के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं ।