गाजियाबाद में लाजपत नगर के पार्षद ने जनता के घर जाकर कार्य करने की एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। हालांकि इसके परिणाम बाद में सामने आ पाएंगे। मगर इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है यह पहल अपने आप में है बहुत महत्वपूर्ण। क्योंकि अब तक हमने जनप्रतिनिधि द्वारा जनता दर्शन या जनता दरबार जैसे कार्यक्रम लगाए जाते रहे हैं। इन्हीं की हमको आदत है। जनता को यदि पार्षद, मेयर, विधायक, सांसद और मंत्री आदि से कोई काम पड़ जाए तो उनके आवास या कार्यालय जाना पड़ता है। कई बार ऐसा भी होता है कि जनप्रतिनिधि किसी शासकीय या निजी कार्य से शहर से बाहर रहता है। कई बार संसद और विधानसभा भी चलती हैं जिसकी वजह से जनप्रतिनिधि जनता को नहीं मिल पाते हैं। ऐसी स्थिति में लोग कई-कई दिन तक चक्कर लगाते रहते हैं। लोगों को परेशान होना पड़ता है सो अलग। लाजपत नगर के पार्षद हिमांशु शर्मा ने खुद लोगों के घर जाकर उनके काम करने की पहल शुरू की है। तो क्या हमारे मेयर, विधायक, सांसद और मंत्री मुहल्ले-मुहल्ले जाकर वहीं उनकी समस्या सुनकर उनका सामधान नहीं करा सकते। सभी जनप्रतिनिधयों का अपने क्षेत्र के हर गांव, शहर के हर मुहल्ले मेंं एक समय निर्धारित कर देना चाहिए। इससे कई लाभ होंगे। जब लोगों को पता होगा कि उनके क्षेत्र के जनप्रतिनिधि फलां दिन उनके बीच रहेंगे तो एक तो सामंजस्य बनेगा। जनप्रतिनिधि और जनता के बीच सीधा संबंध हो जाएगा। जनप्रतिनिधि की हर आदमी से व्यक्तिगत जान पहचान हो जाएगी। क्षेत्र के लोगों का समय भी बचेगा और उनको कहीं चक्कर भी नहीं काटने पड़ेंगे। इससे जनप्रतिनिधि का खुद का व्यक्तिगत वोट बैंक तैयार होगा, उसकी अपनी पार्टी अधिक मजबूत होगी। संगठन का बूथ तंत्र मजबूत होगा। जनता दर्शन या जनता दरबार नहीं, जनप्रतिनिधि आपके द्वार होना चाहिए। ऐसे कार्यक्रम में थाना पुलिस, नगर निगम आदि से स्थानीय अधिकारी भी साथ ले लिए जाएं तो सोने पर सुहागा होगा।