राजनगर एक्सटेंशन के निर्माणाधीन मॉल में मिला ब‘ची का शव, आक्रोशित मजूदरों ने किया हंगामा
प्रमुख अपराध संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। आज दिन निकलते ही नन्दग्राम थाना पुलिस के होश उस समय उड़ गये कि जब उसे पता चला कि राजनगर एक्सटेंशन स्थित निर्माणाधीन मिक्शन मॉल की इमारत में एक सात वर्षीय अबोच ब‘ची की लाश पड़ी हुई है। ब‘ची के शव को देखकर ऐसा लग रहा है कि ब‘ची की हत्या से पहले हत्यारे ने उसके साथ हैवानियत भी की। उधर ब‘ची के साथ हुई हैवानियत और हत्या की खबर पाते ही उसके परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। जिसके बाद पीडि़त परिवार ने अन्य आक्रोशित मजदूरों के साथ हंगामा भी किया। सूत्रों के अनुसार परिवार ने पुलिस प्रशासन से यह मांग भी कि उनकी अबोध पुत्री के साथ हैवानियत करके उसकी नृशंस हत्या करने वाले अभियुक्तों को गोली मारी जाये। वारदात की सूचना मिलते ही जहां एसएचओ नन्दग्राम जितेंद्र सिंह फील्ड यूनिट के साथ मौके पर पहुंचकर जांच करने में जुट गये वहीं पुलिस के उ‘चाधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण करके नन्दग्राम पुलिस को इस वारदात का खुलासा जल्द से जल्द करने के निर्देश भी दिये। एसीपी नन्दग्राम का प्रभार देख रही प्रियाश्री पाल ने बताया कि प्राथमिक जांच में जो बात सामने आई है उससे पता चला है कि जिस परिवार की ब‘ची की रेप के बाद हत्या की गई है उसका मुखिया धर्मेंद्र उर्फ छोटू नालंदा बिहार का रहने वाला है। वह और उसका परिवार यहां पर रहकर मजदूरी कर रहा था। कल शाम को लगभग साढ़े सात बजे के आस-पास उसकी सात साल की पुत्री हालात में लापता हो गई थी। आज सुबह उसे पता चला कि उसकी ब‘ची की लाश निर्माणाधीन माल मिक्शन की इमारत में पड़ी हुई है। एसीपी ने बताया कि अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ अपहरण, रेप, हत्या व पॉक्सो अधिनियम जैसी धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। साथ ही वारदात के खुलासे के लिये पुलिस की कई टीम गठित की गई है। एसीपी ने बताया कि पुलिस की टीम घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के अलावा कई संदिग्धों से पूछताछ भी कर रही है। उन्होंने कहा कि इस वारदात का खुलासा जल्द कर दिया जायेगा। बता दें कि इसी प्रकार संगीन वारदात नन्दग्राम थाना क्षेत्र अंतर्गत सिहानी गांव के पास कुछ समय पहले हुई थी। उस वारदात में भी सनकी हत्यारे ने अबोध ब‘ची के साथ हैवानियत करने के बाद उसकी निर्मम हत्या कर दी थी। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि उक्त प्रकरण सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा था। इतना ही नहीं उक्त मामले में कमिश्नरेट पुलिस के अधिकारियों को जहां सुप्रीम कोर्ट की फटकार सुननी पड़ी थी वहीं ततकालीन एसएचओ समेत कई अधिकारियों पर गाज भी गिरी थी।