दो दशकों में बदल गई तस्वीर
दो दशकों से जो आधुनिक तौर पर बदलाव आये हैं उससे नुकसान भी हुआ है और फायदा भी। आज सोशल मीडिया का इतना दखल हो गया है जिसके कारण रातोंरात न जाने किसकी तस्वीर और किसकी किस्मत पलट जाए कुछ नहीं पता। सोशल मीडिया में जहां क्रांतिकारी परिवर्तन आया है वहीं विनाश भी बढ़ा है। व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के कारण लोगों की सोच भी बदली है। पहले पोस्टर लगाकर राजनीति होती थी अब पोस्टरों का दौर खत्म हो गया और सोशल मीडिया के जरिये ही रातोंरात नई-नई पार्टियां खड़ी हो जाती है। जिसके जितने फॉलोवर्स हो जाते हैं मानो वो देश का सबसे बड़ा नेता बन जाता है। एक सप्ताह से कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर जो माहौल बना है वो सबके सामने है। बड़े-बड़े न्यूज चैनल भी अब कॉकरोच पार्टी के संस्थापक अभिजीत का आधे-आधे घंटे का इंटरव्यू दिखा रहे हैं। हर सोशल मीडिया पर अभिजीत दीपके छाये हुए। इसका कारण यही है कि चार दिन में कई मिलियन फॉलोअर्स उनके बन गये। सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी जो विश्व सबसे बड़ी पार्टी है उसके ८.७ मिलियन फॉलोअर्स थे और कॉकरोच जनता पार्टी के १५ मिलियन से भी ज्यादा फॉलोअर्स हो गये हैं। क्या किसी को नापने का यही एक पैमाना है। इसीलिए सोशल मीडिया ने क्रांतिकारी के साथ विनाशकारी परिवर्तन भी किया है। लोग समझ नहीं पाते और सोशल मीडिया की बातों पर भरोसा कर लेते हैं। जहां बात देश की हो वहां पर सोच-समझकर भरोसा करना चाहिए। यूएस में रातोंरात फॉलोअर्स बढ़ाना और फिर देश में चर्चा में आना ये भी एक जांच का विषय है। ये ठीक है कि जो मुद्दे उठाये गये हैं वो आम आदमी से जुड़े हैं लेकिन सोशल मीडिया पर हर बात सही ये भी समझना गलत है। आज न जाने कैसी-कैसी रीलें बन जाती है। एआई का जमाना है कुछ भी संभव है इसलिए भरोसा करें जरूर लेकिन जहां देश की बात हो वहां पर बहुत सोच-समझकर भरोसा करना चाहिए। क्योंकि फॉलोअर्स बढ़ाने का भी एक लंबा खेल चल रहा है, ये भी ध्यान रखने की जरूरत है। बहरहाल, सोशल मीडिया में जरूर क्रांतिकारी परिवर्तन आया है जिससे माहौल बदला है और अपनी बात कहने का प्लेटफॉर्म मिला है लेकिन हम किसी को सही फॉलो कर रहे हैं इसका ध्यान रखना भी जरूरी है।