आप देखें तो मेयर सुनीता दयाल, सांसद अतुल गर्ग, केबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, स्वतंत्र प्रभार मंत्री नरेन्द्र कश्यप, विधायक अजितपाल त्यागी, संजीव शर्मा, नंद किशोर गुर्जर, मंजू सिवाच, धर्मेश तोमर, एमएलसी दिनेश गोयल ये सभी जनप्रतिनिधि हैं। इसके अलावा डासना, खोड़ा, मोदीनगर, मुरादनगर, लोनी आदि में चेयरमैन भी जनप्रतिनिधि की केटेग्री में ही आते हैं। इन सब की बात इसलिए की जा रही है क्योंकि एक जगह चर्चा थी कि गाजियाबाद में सबसे ज्यादा सक्रिय रहने वाला जनप्रतिनिधि कौन है। सबके अपने अपने गणित थे। मगर सभी ने स्वीकार किया कि महापौर सुनीता दयाल इस सर्वाधिक सक्रिय जनप्रतिनिधि हैं। लोगों ने कहा कि महापौर सुनीता दयाल को चालीस से ऊपर के तापमान में सडक़ पर खड़े होकर काम करते देखा है। इसके बाद लोगों ने सक्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में सदर विधायक संजीव शर्मा का नाम लिया। लोगों ने बताया कि आप झूठे को कोई निमंत्रण दे आओ आपके यहां विधायक संजीव शर्मा पहुंचेंगे जरूर। इसके साथ ही उनकी विधानसभा में नगर निगम का कोई काम हो, वह महापौर के साथ आपको हर कार्यक्रम में नजर भी आएंगे। नियमित रूप से अपने आवास व कार्यालय पर जनसुनवाई भी करते हैं। इसके बाद नंबर आता है केबिनेट मंत्री सुनील शर्मा का। सुनील शर्मा हैं तो बहुत अधिक सक्रिय मगर मंत्रालय में व्यस्त होने के कारण उनकी सक्रियता जनता के बीच कुछ कम आंकी जाती है। हालांकि इसे हम ज्यादती ही कहेंगे। क्योंकि अगर सुनील शर्मा शहर में हैं तो, अपने आवास पर तो जनसुनवाई करते ही हैं, साथ ही किसी भी सुबह किसी भी पार्क में लोगों के बीच पहुंच जाते हैं। लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर सक्रिय तो हैं मगर उनकी सक्रियता लोगों के बीच कम और विवादों में अधिक नजर आती है। मोदीनगर विधायक मंजू सिवाच की सक्रियता भी उतनी नहीं मिलती जितनी कि अपेक्षा की जाती है। सांसद के रूप में अतुल गर्ग भी जनता के बीच कम ही नजर आते हैं। जबकि उनमें अधिक सक्रियता की क्षमता है।