अभिजीत दीपके ने किया बड़ा दावा
नई दिल्ली (युग करवट)। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर प्रेसवार्ता कर दावा किया कि आज रात सीजेपी की टीम को गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने सरकार से शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर सवाल उठाया।
अभिजीत दीपके ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा मैं सरकार से पूछना चाहता हूं कि शांतिपूर्ण तरीके से बैठे प्रदर्शनकारियों को क्यों गिरफ्तार करना है। बता दें कि नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी करीब एक महीने से प्रदर्शन कर रही है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इन मांगों को लेकर पिछले 26 दिनों से भूख हड़ताल पर थे। हालांकि, गुरुवार देर रात में ही उन्होंने अपना उपवास समाप्त किया है। दिल्ली में जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच बीते सोमवार कुछ उपद्रवियों ने बवाल कर दिया था। इसके बाद मंगलवार और बुधवार को भी उपद्रवियों ने बवाल किया था। इस दौरान अराजक तत्वों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया था, जिसमें अधिकारी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
दिल्ली में सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द
नई दिल्ली (युग करवट)। जंतर मंतर पर कॉकरोज जनता पार्टी का आंदोलन जारी है। जिसे देखते हुए पुलिस-प्रशासन की टीम पूरी तरह से मुस्तैद है। कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में अगले आदेश तक सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टी को रद्द कर दिया गया है। यह आदेश सभी रैंक के अधिकारियों के लिए जारी किया गया है। दिल्ली पुलिस की तरफ से जारी आदेश में लिखा है कि मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से और अगले आदेश तक कोई भी सामान्य छुट्टी आदि नहीं दी जाएगी।
सीजेपी प्रोटेस्ट पर जेएनयू की एडवाइजरी
नई दिल्ली (युग करवट)। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय ने अपने यहां सेवारत कर्मियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। जेएनयू ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, जेएनयू के सभी सदस्यों को सलाह दी जाती है कि वे जिम्मेदारी से काम करें और अपनी पर्सनल सेफ्टी को प्रायोरिटी दें। पब्लिक डेमोंस्ट्रेशन पर भारत के माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, आपसे रिक्वेस्ट है कि आप नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर या उसके आस-पास होने वाली गैदरिंग में हिस्सा लेने या जाने से बचें। कृपया सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से काम लें। उल्लंघन करने पर लागू कानूनों के तहत कानूनी नतीजे हो सकते हैं और यूनिवर्सिटी के कोड ऑफ कंडक्ट के तहत डिसिप्लिनरी एक्शन भी हो सकता है। आपको एकेडमिक जिम्मेदारी और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों को बनाए रखने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है।