लखनऊ (युग करवट)। देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द, अखंडता और सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के कथित प्रयासों के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस की एटीएस और एसटीएफ ने शाहजाद भटटी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, आईएसआई के निर्देशों पर सक्रिय यह नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को प्रभावित कर उन्हें कट्टरपंथ की ओर ले जाने का प्रयास कर रहा था। जांच में युवाओं को धन और काम का लालच देकर धमकी, आगजनी, रेकी, पोस्टर चिपकाने और पेट्रोल बम फेंकने जैसी गतिविधियों में शामिल कराने की बात सामने आई है।
यूपी पुलिस के मुताबिक अब तक 12 एफआईआर दर्ज कर 52 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से पिस्टल, कारतूस, चाकू, ज्वलनशील पदार्थ और आपत्तिजनक पोस्टर बरामद किए गए हैं। 26 मई 2026 को केंद्रीय एजेंसियों के साथ चलाए गए अभियान में नेटवर्क से जुड़े करीब 175 संदिग्धों की जांच की गई। वहीं, 12 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर 62 संदिग्धों से पूछताछ की गई। पुलिस ने गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर नेटवर्क और उसके सदस्यों को यूएपीए की धारा 35 के तहत आतंकी घोषित कर चौथी अनुसूची में शामिल करने का अनुरोध किया है।