गृहमंत्री का लखनऊ दौरा
देश के गृहमंत्री नौ महीने बाद राजधानी लखनऊ आये थे। इस दौरान उन्होंने लंबी-चौड़ी कार्यसमिति की बैठक को संबोधित किया। विधानसभा चुनाव २०२७ को लेकर गृहमंत्री के दौरे को काफी खास माना गया। गृहमंत्री ने अपने भाषण के दौरान इस बात का अहसास करा दिया कि २०२७ में भाजपा की सरकार तो बनेगी लेकिन मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा ये तय नहीं है। गृहमंत्री ने कहा कि दिल्ली में लोग उनसे पंजाब के बारे में पूछते हैं कि सरकार किसकी बनेगी तो मैं भी चुटकी ले लेता हूं कहता हूं भाजपा की। उत्तराखंड में किसकी बनेगी मैं कहता हूं भाजपा की फिर उत्तर प्रदेश की बात आती है तो मैं आज ये कहकर जा रहा हूं कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार अंगद का पांव है और वो आसानी से कोई नहीं हिला सकता। उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने तीन बार कहा कि भाजपा की सरकार बनेगी, भाजपा की सरकार बनेगी, भाजपा की सरकार बनेगी लेकिन उन्होंने एक बार भी नहीं कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तीसरी सरकार बनेगी और ये ही मुख्यमंत्री होंगे। आपको याद होगा केंद्र में हमेशा जब भी चुनाव होते हैं तो यही कहा जाता है कि अबकी बार मोदी सरकार, अबकी बार फिर मोदी सरकार लेकिन यूपी में नहीं कहा गया कि तीसरी बार योगी सरकार। इसमें कोई दोराय नहीं कि चुनाव में योगी ही भाजपा के सुल्तान होंगे और उनके नेतृत्व में ही भाजपा विधानसभा का चुनाव लड़ेगी क्योंकि योगी को नजरअंदाज करना दिल्ली वालों के बसकी बात नहीं है। यूपी में एक ऐसा चेहरा है जिनकी बदौलत यूपी में फिर सरकार रिपीट हो सकती है इसीलिए दिल्ली वाले ना चाहते हुए भी योगी के नेतृत्व में जहां चुनाव लड़ेंगे वहीं टिकट वितरण में भी उन्हीं की चलेगी लेकिन पर्दे के पीछे पूरा मैनेजमेंट अमित शाह का ही रहेगा हालांकि उनके भाषण में इस बात का उल्लेख नहीं हुआ कि सरकार किसके नेतृत्व में बनेगी। जाहिर है अमित शाह का ये भाषण अपने आप में एक बड़ा संदेश है। क्योंकि योगी की लोकप्रियता और उनकी सरकार का कार्यकाल भाजपा के लिए मजबूत संजीवनी है। आज प्रदेश योगी पर भरोसा कर रहा है लेकिन दिल्ली वाले उन पर चुनाव बाद भरोसा कितना करेंगें ये आने वाला समय ही बतायेगा। इस शेर के साथ अपनी बात खत्म करता हूं-
इस दुनिया ने मेरी वफा का कितना ऊंचा मोल दिया।
पैरों में जंजीरें डाली हाथों में कशकोल दिया।।