एमएलसी चुनाव के परिणाम के बाद
राजनीति के चाणक्य एवं देश के गृहमंत्री अमित शाह जब चुनावी मौसम में किसी राज्य में जाते हैं तो फिर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि उस राज्य में चुनाव की तिथि उनके दौरे के बाद घोषित हो जाती है। उत्तर प्रदेश में अगले साल चुनाव होना है। लेकिन एक लंबे समय से ये भी चर्चा चल रही है कि दिसंबर में चुनाव कराये जा सकते हैं। हाईकोर्ट में पंचायत चुनाव को भी तीन माह में कराने का आदेश दिया लेकिन अभी तक पंचायत चुनाव को लेकर कोई भी तैयारी दिखाई नहीं दे रही है। गृहमंत्री अमित शाह आज सुबह लखनऊ पहुंचे जहां पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई बड़े नेताओं उनका स्वागत किया। अमित शाह लखनऊ में चार घंटे रूकेंगे। इस दौरान वो ढाई हजार से अधिक कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करेंगे। अभी हाल ही में घोषित प्रदेश कार्य समिति के सदस्यों को वो संबोधित करेंगे। एमएलसी चुनाव में जो रिजल्ट आया है उसके बाद अमित शाह का दौरा काफी अहमियत रखता है। एमएलसी के चुनाव में प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में सपा की जीत एक बड़ा संदेश है। लखनऊ की सीट पर भी सपा की जीत भाजपा के लिए आत्ममंथन ही नहीं बल्कि चिंता का विषय है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के क्षेत्र में सपा की जीत भी चौंकाने वाली है। मौर्या खुद कह चुके हैं कि ऐसी जगह सपा ने खाता खोला है जहां उम्मीद नहीं थी ये एक बड़ा बयान है। हालांकि विधानसभा चुनाव २०२२ में केशव मौर्या अपने ही गढ़ में चुनाव हार गये थे। बाद में उन्हें एमएलसी बनाया गया। गृहमंत्री अमित शाह अपने लखनऊ दौरे के दौरान कार्यकर्ताओं को किस तरह २०२७ का चुनाव जीतना है ये मंत्र देंगे। नौ महीने बाद अमित शाह लखनऊ आये हैं और चुनाव का माहौल है ये दौरा अपने आप में काफी महत्वपूर्ण है। वो अपने लखनऊ दौरे के दौरान कुछ नेताओं से भी अलग मंत्रणा करेंगे और यहां की क्या तस्वीर है उसका भी अंदाजा लेंगे। तीसरी आंख ने देखा कि एयरपोर्ट पर भी उन्होंने कुछ नेताओं को खास तवज्जों दी ये भी अपने आप में एक बड़ा संकेत है कि यूपी में इस बार कुछ परिवर्तन जरूर होगा। खासकर टिकट वितरण को लेकर बहुत सावधानी बरती जाएगी। बहरहाल, गृह मंत्री अमित शाह का दौरा अपने आप में काफी महत्वपूर्ण है और चुनाव की उल्टी गिनती एक तरह से शुरू हो गई है। जय हिंद