नई दिल्ली (युग करवट)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क के खिलाफ देशभर में व्यापक कार्रवाई शुरू की है। एजेंसी ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और महाराष्ट में 12 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है।
यह कार्रवाई उस मामले से जुड़ी है जिसमें पाकिस्तान से जुड़े एक ऑपरेटिव जसवीर चौधरी और उसके भारतीय सहयोगियों पर ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद और आईईडी की बड़ी खेप भारत में भेजने का आरोप है। एनआईए की टीमें यूपी में 5, राजस्थान में 2, बिहार में 2 और महाराष्ट्र में 3 स्थानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं। इस दौरान डिजिटल उपकरण, दस्तावेज और संदिग्ध सामग्री की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क भारत-पाकिस्तान सीमा के जरिए ड्रोन का इस्तेमाल कर हथियार और विस्फोटक सामग्री की तस्करी कर रहा था। इन हथियारों का उद्देश्य पंजाब, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में बड़े हमलों को अंजाम देना बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस साजिश का मकसद आम नागरिकों की जान-माल को नुकसान पहुंचाना और देश में दहशत फैलाना था।
इिसी बीच एनआईए ने हरियाणा के सिरसा महिला थाना ग्रेनेड हमले मामले में भी बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने इस केस में दो पाकिस्तानी नागरिकों समेत नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। जांच में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर से आतंकी बने शाहजाद भट्टी के इशारे पर भारत में पुलिस ठिकानों को निशाना बनाने की साजिश रची गई थी। आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम , भारतीय न्याय संहिता और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। एनआईए के मुताबिक, सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलकर इस नेटवर्क से जोड़ा गया था। एजेंसी फिलहाल फरार आरोपियों और इस साजिश से जुड़े अन्य लिंक की तलाश में जुटी हुई है।