गाजियाबाद (युग करवट)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक मंचों से एवं सरकारी अफसरों के साथ समीक्षा बैठकों में बोल चुके हैं कि भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा मुक्त कराना उनका सबसे प्रिय विषय है। गाजियाबाद के चार बार के सांसद रहे डॉ. रमेशचंद तोमर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इसी प्रिय विषय को आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं। वो सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण एवं व्यापारिक गतिविधियों के खिलाफ आवाज बुलंद किये हुए हैं। सबसे पहले उन्होंने धौलाना क्षेत्र में बड़ी संख्या में सरकारी जमीनों पर भूमाफियाओं द्वारा किये गये कब्जे को मुक्त कराया। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर भूमाफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई। इसके बाद अभी हाल ही में कविनगर रामलीला मैदान में बनाये गये जानकी भवन को लेकर उन्होंने जीडीए अधिकारियों को अवगत कराया कि रामलीला मैदान जीडीए की सम्पत्ति है और इसमें बनाये जानकी भवन की देख-रेख जीडीए ही कर सकता है, उसकी बुकिंग भी जीडीए द्वारा ही की जानी चाहिए और सरकारी सम्पत्ति की देख-रेख जीडीए ही करे, इस शिकायत पर जीडीए के बड़े अफसरों ने तत्काल एक्शन लिया और जानकी भवन को अपने कब्जे में लिया तथा वहां पर दो कर्मचारी तैनात कर दिये। पूर्व सांसद रमेशचंद तोमर का कहना है कि वहां पर जो भी बुकिंग हो या आयोजन हो उसकी अनुमति और रसीद जीडीए द्वारा ही दी जानी चाहिए। इसके अलावा शहर के बीचोबीच कई सौ करोड़ की जमीन जो नेहरू युवा केंद्र के नाम है और वो सरकारी जमीन है उसको लेकर भी रमेशचंद तोमर काफी सक्रिय है और उनकी शिकायत पर जीडीए वहां किये जा रहे निर्माण को सील कर दिया। डॉ. तोमर का कहना है कि वहां पर पार्किंग बना दी गई और 45 रुपए वाहन के किराये का बोर्ड भी लगा दिया गया। आखिर सरकारी जमीन पर कोई कैसे काबिज हो सकता है। उनका कहना है कि कई सौ करोड़ की जमीन को लेकर वो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत करांएगे। नेहरू युवा केंद्र में हो रही है व्यापारिक गतिविधियों और प्रस्तावित हेलीपैड के खिलाफ क्षेत्र के लोगों ने मौर्चा खोल दिया है।