गाजियाबाद (युग करवट)। उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपने बढ़ते प्रभाव का संदेश देते हुए सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने शनिवार को तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में आयोजित सामाजिक समरसता महारैली एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश कार्यकर्ता सम्मेलन के माध्यम से 2027 विधानसभा चुनाव का सियासी बिगुल फूंक दिया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री की मौजूदगी में आयोजित सम्मेलन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री दूधेश्वरनाथ मंदिर से आए बटुकों के वैदिक मंत्रोच्चार एवं शंखनाद के साथ हुआ। इसके बाद पूरा तालकटोरा स्टेडियम पीले झंडों से पट गया और जय सुहेलदेव व ओमप्रकाश राजभर जिंदाबाद के नारों से सभागार गूंज उठा।
गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ़्फरनगर, बागपत, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, सहारनपुर, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, बदायूं, शाहजहाँपुर सहित पूर्वांचल से पहुंचे कार्यकर्ताओं ने सम्मेलन को व्यापक रूप दिया। पार्टी नेताओं ने इसे प्रदेशभर में संगठन के विस्तार और बढ़ते जनाधार का संकेत बताया। राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व राज्य मंत्री अरविंद राजभर ने कहा कि यह सम्मेलन केवल कार्यकर्ताओं का जमावड़ा नहीं बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव की औपचारिक शुरुआत है। उन्होंने कहा कि सुभासपा प्रदेश की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर रही है। उन्होंने सम्मेलन की सफलता का श्रेय व्यापार प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मुख्य आयोजक राम अवतार जिंदल तथा सभी कार्यकर्ताओं को दिया। मुख्य आयोजक राम अवतार जिंदल ने कहा कि दिल्ली की धरती से सामाजिक न्याय सामाजिक समरसता और राजनीतिक भागीदारी का नया संदेश पूरे देश में गया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से प्रत्येक बूथ प्रत्येक गांव और प्रत्येक परिवार तक पार्टी की विचारधारा पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा कि अब संगठन को चुनावी विजय में बदलने का समय आ गया है। ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि सुभासपा गरीबों पिछड़ों अति पिछड़ों दलितों किसानों मजदूरों और वंचित समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की राजनीति तेजी से बदल रही है और सामाजिक न्याय की ताकतें एकजुट हो रही हैं। सम्मेलन को सफल बनाने में शक्ति सिंह, दयाराम भार्गव, रितेश कुमार, रुद्र राजभर, दीपक चौहान, सुजीत बंजारा, राजू पंडित, डॉ. शाहवुद्दीन अंसारी, नाजिम अंसारी, विधायक वेदीराम ने सक्रिय भूमिका निभाई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दिल्ली में आयोजित इस सम्मेलन के जरिए सुभासपा ने स्पष्ट संकेत देने का प्रयास किया है कि वह आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में अपनी राजनीतिक भूमिका और संगठनात्मक ताकत को और अधिक विस्तार देने की रणनीति पर काम कर रही है।