मेरठ में खून के आंसू रूला रहा है बुलडोजर और कार्यकर्ताओं ने कर दिया स्वागत
गाजियाबाद (युग करवट)। भाजपा के राष्टï्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन अपने दो दिवसीय दौरे को लेकर और जमीनी हकीकत वर्तमान में उत्तर प्रदेश में भाजपा की क्या है इसको लेकर काफी चिंतित है और वो कुछ बड़ा एक्शन लेने के मूड में हैं। दरअसल, जिस तरह दो दिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से फीडबैक लिया उससे उनको ये अहसास हो गया कि केवल प्रचार और प्रसार के सहारे ही इस समय पार्टी चल रही है और जमीनी तौर पर बहुत कमजोर हो गई है। भाजपा के भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार नितिन नबीन दो दिवसीय दौरे में अच्छा फीडबैक लेकर नहीं गये। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने जिस तरह कुछ लोगों से चर्चा की है उससे यही लगता है कि वो केवल परिक्रमा वाले नेताओं और पदाधिकारियों से नाखुश हैं। सूत्रों के अनुसार मेरठ में सेंट्रल मार्किट को लेकर बुलडोजर जिस तरह चल रहे हैं और जिस दिन नितिन नबीन मेरठ में थे उसी दिन सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ के ए जोन में 17 हजार अवैध निर्माण तोडऩे के आदेश दिये। लोग बुलडोजर को लेकर दहशत में हैं और उनका आशियाना यही बुलडोजर उनकी आंखों के सामने तोड़ रहे हैं और भाजपा के कार्यकर्ता पार्टी के राष्टï्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का स्वागत बुलडोजरों से कर रहे हैं।
बताते हैं कि जब नितिन नबीन को ये बात पता चली तो वो बहुत नाराज हुए। यही कारण है कि उन्होंने मेरठ में कोई स्वागत नहीं कराया और ना ही सहारनपुर जाते वक्त रास्ते में कहीं स्वागत कराया। उनका कहना था कि जो बुलडोजर लोगों के आशियाने तोड़ रहा है और उससे वो परेशान हैं, कार्यकर्ताओं ने फिर बुलडोजरों से स्वागत क्यों किया। ये भी पता चला है कि मेरठ में लोग जो सेंट्रल मार्किट से जुड़े हुए हैं या फिर जो 17 हजार अवैध निर्माण निशाने पर आये हैं उससे दहशत में है वो क्षेत्र में जाकर इस बात का प्रचार कर रहे हैं कि जिस पार्टी को हमने वोट दिया और लगातार सरकार बनाई आज उसी सरकार में 40 साल पुराने आशियानों पर बुलडोजर चल रहे हैं और भाजपा के नेता बुलडोजर से अपने राष्टï्रीय अध्यक्ष का स्वागत कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि मेरठ के लोगों का कहना है कि नौ साल से भाजपा की सरकार है लेकिन एक बार भी सुप्रीम कोर्ट में लोगों के पक्ष में कोई पहल नहीं की गई। निर्माण को रेगुलाईज नहीं किया और अगर सरकार चाहती तो ये निर्माण रेगुलाईज हो जाते।
भाजपा के राज्यसभा सांसद लक्षमीकांत वाजपेयी भी मेरठ सेंट्रल मार्किट में चल रहे बुलडोजर से काफी चिंतित हैं। उनका कहना है कि जो कार्रवाई हो रही है सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हो रही हैं लेकिन उन अफसरों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है जिनकी देख-रेख में ये निर्माण हुआ। उनका कहना था कि ये निर्माण कोई एक या दो दिन में नहीं हुआ फिर ऐसे में अफसरों को कैसे बख्शा जा सकता है। सूत्रों के अनुसार भाजपा के राष्टï्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का बुलडोजर से स्वागत करना कहीं ना कहीं आने वाले चुनाव में जरूर भाजपा के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। नितिन नबीन का अन्य जगहों पर स्वागत नहीं कराना भी इस बात का संकेत है कि वो इस बुलडोजर के अंदाज से खुश नहीं हुए। वैसे भी उन्होंने पहले ही कार्यकर्ताओं से कहा था कि दिखावे से दूर रहे और जमीनी तौर पर काम करे। जब लखनऊ में पहली बार गये थे तो उनके स्वागत में उनके सामने ही हनुमान जी का डांस कराया था जिसको लेकर काफी किरकिरी हुई थी। अब बुलडोजर से स्वागत को लेकर काफी नाराज दिखाई दिये। उनका कहना था कि कार्यकर्ता केवल स्वागत में ही लगा है जमीनी तौर पर कोई काम नहीं कर रहा है। ये २०२७ के लिए अच्छा संकेत नहीं है।