लखनऊ (युग करवट)। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि बयान बदलवाने से सच नहीं बदलता। उन्होंने एफआईआर में देरी, पीडि़त परिवार पर दबाव और कार्रवाई न होने जैसे कई सवाल उठाए। बयान के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। अखिलेश यादव ने कहा कि सवाल ये हैं कि एफआइआर लिखवाने में इतनी देर क्यों हुई, बयान क्यों बदलवाया गया। पीडि़त परिवार को और उत्पीडि़त क्यों किया जा रहा है। पुलिस तक पर पथराव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने से किसने रोका था। पोस्टमार्टम पर सवालिया निशान क्यों लगा। सबको सच मालूम है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट कुछ भी कहे, गांव के हर घर को जमीनी सच्चाई मालूम है। गांव के हर समाज में भाजपा का झूठ पहुंच गया है। इससे पीडीए समाज में गुस्सा और आक्रोश है। गाजीपुर की बेटी हत्याकांड, हाथरस की बेटी हत्याकांड का दोहराव है। दोनों पीडि़तों के परिवार ‘पीडीए परिवार’ थे। सामाजिक न्याय का राज लाने का पीडीए का मिशन दरअसल आजादी के बाद की एक और असली आजादी का आंदोलन है। हम इसके लिए ही संघर्षरत हैं।