सीएम योगी ने वर्ष 2025 में की थी इस ड्रीम प्रोजेक्ट की घोषणा
शोभा भारती
गाजियाबाद (युग करवट)। उत्तर प्रदेश के प्रवेशद्वार कहे जाने वाले गाजियाबाद को आधुनिक स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने और जिले को व्यवस्थित करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जून 2025 को ग्रेटर गाजियाबाद की घोषणा की थी। इसके चलते लोनी, खोड़ा-मकनपुर और मुरादनगर नगरपालिकाओं व अन्य कई गांवों को मिलाकर एक नई योजना के दायरे में लाया जा सके ताकि यह बेहतर स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित हो सके। लेकिन एक साल से इस योजना की फाइल शासन में लम्बित पड़ी है। जिला स्तर पर ग्रेटर गाजियाबाद का नक्शा, गांवों की स्थिति, आबादी,विकास योजनाओं का खाका बनाकर शासन को भेजा गया था, तब से यह फाइल लम्बित चल रही हैैं। प्रदेश सरकार नोएडा और गुरुग्राम की तर्ज पर ‘ग्रेटर गाजियाबाद’ को एक आधुनिक स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की योजना बनाई थी। जिसमें तीन नगर पालिकाओं के साथ ही आसपास के गांवों को दायरे में लाना था। जिन्हें नगरनिगम श्रेणी में लाना था ताकि इन क्षेत्रों का भी बेहतर विकास हो सके। नगर निगम होने के कारण विकास कार्यो को और भी गति मिलती। मंत्री परिषद से भी इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल चुकी थी। लेकिन अब काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा ग्रेटर गाजियाबाद की घोषणा करते ही स्थानीय जिला प्रशासन ने नगरनिगम और सम्बंधित विभागों के साथ इस योजना का खाका तैयार करना शुरू कर दिया था। सीएम योगी ने अपनी घोषणा में कहा था कि इस योजना का जल्द से जल्द धरातल पर उतारना है। लेकिन शासन स्तर पर यह प्रोजेक्ट पहुंचते ही इसकी रफ्तार पर लगाम लग गई। एक साल हो गया, जिन क्षेत्रों को ग्रेटर गाजियाबाद में शामिल किया जाना था, वह इसका इंतजार कर रहे हैं कि कब उनके क्षेत्र का भी विकास आधुनिक सिटी की तर्ज पर शुरू हो सके। अधिकारी भी इस बारे में यह कहकर चुप्पी साध लेते हैं कि आगे की कार्रवाई शासन स्तर से पूरी होनी है।

क्या होना था ग्रेटर गाजियाबाद में खास
ग्रेटर गाजियाबाद में मास्टर प्लान के तहत चौड़ी सडक़ें, आई पार्क, आवासीय जोन, स्मार्ट ड्रेनेज सिस्टम, दिल्ली मेरठ रोड एक्सप्रेस और रैपिड रेल नेटवर्क से सीधे जोड़ा जाता। इसके अलावा ग्रेटर गाजियाबाद को व्यवस्थित तरीके से बसाया जाता। हरियाली के साथ ही यातायात सुविधाओं को भी बेहतर बनाना था। इसके अलावा सडक़, पानी, सीवर, बिजली और व्यापार में सुविधाओं में वृद्घि के साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होते। यह विस्तार न केवल सुविधाओं को बेहतर करेगा बल्कि भविष्य की आबादी को भी बेहतर जीवनशैली देगा।