नई दिल्ली (युग करवट)। संसद के चालू मॉनसून सत्र के दूसरे हफ्ते की शुरुआत हंगामें की भेंट चढ़ गई। नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज के मुद्दे पर हंगामे के कारण पहला हफ्ता धुलने के बाद सरकार अब इसे लेकर सख्त कानूनी प्रावधान करने वाला बि आज लोकसभा में पेश हो गया है। एंटी पेपर लीक बिल राज्यमंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में पेश किया। कांग्रेस के सांसदों ने राज्यसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही छात्रों के प्रोटेस्ट पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। कांग्रेस की ओर से डिप्टी लीडर प्रमोद तिवारी ने यह मुद्दा उठाते हुए गृह मंत्री अमित शाह से जवाबदेही तय करने की मांग की। विपक्ष के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने नीट पेपर लीक और छात्रों के प्रोटेस्ट पर लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। खडग़े ने कहा कि यह रेयरेस्ट केस है। इस पर नियम 267 के तहत चर्चा होनी चाहिए। खडग़े अभी बोल ही रहे थे कि चेयर से सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा कर दी। लोकसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य हंगामा करते हुए वेल में आ गए। विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच चेयर से स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह करते हुए अपनी सीट पर जाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि इस तरह का आचरण लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। स्पीकर ने कार्रवाई की चेतावनी भी दी, लेकिन विपक्षी सदस्यों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा. स्पीकर ओम बिरला ने अंत में सदन की कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा कर दी।