विधानसभा चुनाव २०२७
विधानसभा चुनाव २०२७ को लेकर चार सर्वे भारतीय जनता पार्टी करा चुकी है और पांचवां सर्वे चल रहा है। संघ की ओर से भी गोपनीय तरीके से उत्तर प्रदेश में भाजपा की जमीनी तौर पर क्या स्थिति है इस पर भी मंथन चल रहा है। सर्वे से ज्यादा संघ का जो अपना नेटवर्क होता है और जो उसकी रिपोर्ट होती है वह बहुत महत्वपूर्ण होती है। हालांकि अब सर्वे भी बकाएदा एजेंसीज के जरिये होता है। उसकी रिपोर्ट भी काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। सर्वे की जो रिपोर्ट सामने आ रही हैं उसने भाजपा को जरूर चौंका दिया है। राजनीतिक गलियारों में हो रही चर्चाओं पर भरोसा करें तो सर्वे में जो रिपोर्ट आई है उसके अनुसार जो नेता लोग बाहर से आए हैं और वो दूसरी पार्टियों में चुनाव भी लड़ चुके हैं और काफी समय वहां रहे भी हैं, ऐसे लोग जो भाजपा में आए हैं उनका रिपोर्ट कार्ड बिल्कुल ठीक नहीं है और उनको लेकर लोगों की राय बिल्कुल भी सही नहीें आई है। चर्चाओं के अनुसार, जो लोग पहले दिन से ही भाजपा में हैं और उन्हें हाशिये पर कर दिया गया है ऐसे लोगों का कहना है कि जो भाजपा के मूल कार्यकर्ता हैं पार्टी ने सत्ता के चक्कर में उन्हें पीछे छोड़ दिया है और यही कारण है कि सरकार तो बन रही है, सत्ता भी मिल रही है लेकिन भाजपा की जो छवि कई दशक पहले थी उस पर जरूर सवाल उठने लगे हैं। जो सच्चा भाजपा कार्यकर्ता है उसकी निष्ठा आज भी बरकरार है लेकिन जो लोग दूसरी पार्टी से आए हैं उनका काम केवल और केवल मौके का फायदा उठाना है। इसलिए सर्वे में भाजपा के प्रति लोगों की सोच सही नहीं रही। ये बात ठीक है कि आज भाजपा में उप मुख्यमंत्री सहित ६२ ऐसे विधायक हैं जो लम्बे समय तक बसपा में रहे और आज भाजपा में हैं और मलाई काट रहे हैं। सत्ता के नशे का लाभ उठा रहे हैं। समाजवादी पार्टी के भी कई विधायक भाजपा में हैं। इसलिए जो मूल कार्यकर्ता भाजपा के हैं उनके प्रति आज भी लोगों में गलत राय नहीं है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने सर्वे के बाद आत्ममंथन शुरू कर दिया है और जैसे चर्चा चल रही है कि कई दर्जन टिकट मौजूदा विधायकों के कटेंगे उसमें अधिकतर दूसरे दलों से आने वाले विधायकों की संख्या अधिक होगी। हालांकि भाजपा के वो विधायक जो लंबे समय से पार्टी में हैं लेकिन उनकी परफॉर्मेंस सही नहीं आई है उनको लेकर भी पार्टी बड़ा फैसला ले सकती है। बहरहाल, सर्वे के बाद हो सकता है कि समर्पित और पुराने कार्यकर्ताओं के अच्छे दिन शायद २०२७ में आ जाएं। जय हिन्द