विधानसभा चुनाव २०२७- सौ दिन बाकी
गाजियाबाद (युग करवट)। नगर पालिका पिलखुवा के चेयरमैन विभू बंसल कुछ सप्ताह में शहर की राजनीति में एक चर्चा का विषय बन गये। जिस तरह उनके तूफानी दौरे हो रहे हैं और उनकी सक्रियता शहर विधानसभा में बढ़ी है इसके पीछे जरूर कोई बड़ी रणनीति और राज छिपा है।
विभू बंसल का परिवार कई दशकों से आरएसएस से जुड़ा रहा है और उनकी दादी संघ परिवार से पहले दिन से ही जुड़ी हुई हैं। विभू बंसल एक खुद गंभीर व्यक्तित्व के माने जाते हैं और वो कभी कोई ना हल्की बात करते और ना किसी गुटबाजी में रहते। कई वर्ष पहले वो गाजियाबाद शिफ्ट हो गये और कविनगर में उनका निवास स्थान हैं। वर्तमान में वो पिलखुवा नगर पालिका के अध्यक्ष हैं। भाजपा हाईकमान में भी उनका अच्छा सम्पर्क है यही कारण है कि उन्होंने पिलखुवा से टिकट मांगा और हाईकमान ने उनको टिकट दिया। उन्होंने भी भाजपा के खाते में जीत दिलाई।
विकास कार्य जिस तरह से पिलखुवा में हुए वो सभी के सामने है। कोई भी विवाद नहीं हुआ और सभी को साथ लेकर वो चलते हैं। विभू बंसल ने पहली बार टिकट मांगा और पहली बार ही उनके खाते में जीत आयी। अब शहर विधानसभा में पिछले दो सप्ताह से जो होर्डिंग लगे उसको लेकर चर्चाओं का बाजार काफी गरम हो गया है। होर्डिंग्स के बाद जिस तरह विभू बंसल शहर में हर कार्यक्रम में दिखाई दे रहे हैं इससे चर्चाएं और गरमा गई है। लाइनपार क्षेत्र जो शहर विधानसभा का सबसे महत्वपूर्ण इलाका है और जीत में निर्णायक भूमिका निभाता है इस इलाके में विभू बंसल के कई कार्यक्रम वहां हो चुके हैं। लोग खुद उन्हें अपने यहां बुला रहे हैं और स्वागत कर रहे हैं ये अपने आप में बड़ी बात है। इतना ही नहीं गाजियाबाद शहर के पुराने इलाके में भी विभू बंसल के कार्यक्रम लग रहे हैं। ये भी बड़ा संकेत दे रहे हैं। वैसे भी कहीं ना कहीं विभू बंसल को कहीं से संकेत मिला है कि अपनी तैयारी करें पार्टी विचार कर सकती है। हालांकि विभू बंसल से जब बात की गई तो उनका कहना था कि पार्टी ने उन्हें बहुत कुछ दिया है।
उन्हें चेयरमैन बनाया है, वो तो एक कार्यकर्ता हैं, शहर में रहते हैं, शहर के लोगों से सम्पर्क व प्यार है। शहर के लोग बुलाते हैं तो वो जाते हैँ इसमें कहीं कोई राजनीतिक तस्वीर नहीं है। उनका ये भी कहना है कि वो पार्टी के आदेश को सर्वोपरि मानते हैं। पार्टी कहीं लड़ायेगी तो लड़ लेंगे वरना जो भी कमल के फूल से आयेगा हमेशा की तरह विभू बंसल कमल के फूल के साथ खड़ा नजर आयेगा। उनका कहना है कि वास्तव में लाइनपार क्षेत्र के लोगों ने और पुराने शहर के लोगों ने उन्हें बहुत प्यार दिया है और हमेशा जब वो जाते हैं तो सभी लोग बहुत प्यार से सम्मान करते हैं। उनका कहना है कि चुनाव लडऩा एक अलग बात है लेकिन लोगों के बीच वो रहना चाहते हैं इसी उद्देश्य से उनका आना-जाना लगा हुआ है वो पार्टी के सिपाही हैं और उसी की जिम्मेदारी निभाते हुए सरकार की योजनाओं को जनजन तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।