नई दिल्ली (युग करवट)। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज सुबह नई दिल्ली पहुंच गए। शी जिनपिंग की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी होगी। शी जिनपिंग प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर भारत पहुंचे हैं। सात साल बाद चीनी राष्ट्रपति का यह पहला भारत दौरा है। इससे पहले वे वर्ष 2019 में चेन्नई के पास मामल्लापुरम में आयोजित अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत आए थे। चीनी राष्ट्रपति के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। इसमें चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो स्थायी समिति के सदस्य और केंद्रीय समिति के जनरल ऑफिस के निदेशक काई ची और विदेश मंत्री व पोलित ब्यूरो सदस्य वांग यी शामिल हैं। पीएम मोदी और जिनपिंग की इस बैठक को लेकर चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने बीजिंग में मीडिया को बताया कि कजान और तियानजिन की बैठकों के बाद यह लगातार तीसरा साल है जब दोनों नेता आमने-सामने मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि चीन दोनों शीर्ष नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन के आधार पर काम करने, द्विपक्षीय रिश्तों को दीर्घकालिक नजरिए से देखने, संवाद बढ़ाने, सहयोग मजबूत करने और आपसी मतभेदों को ठीक से सुलझाने के लिए भारत के साथ मिलकर आगे बढऩा चाहता है। साल 2020 में पूर्वी लद्दाख में सीमा पर उपजे सैन्य तनाव के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में लंबे समय तक ठहराव रहा है।
ऐसे में जिनपिंग की यह यात्रा संबंधों को सामान्य करने के लिहाज से काफी अहम है। शी-जिनपिंग का दौरा काफी अहम माना जा रहा है। आज उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होगी। जिनपिंग का ये दौरा ऐसे समय हो रहा है जब ११ सदस्यों वाले इस गु्रप को मुश्किल ग्लोबल हालात का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्टï्रपति के साथ रूस के राष्टï्रपति के साथ अलग-अलग मुलाकातें होना है। ये मुलाकातें काफी अहम होंगी। दुनिया के देशों की नजर ब्रिक्स सम्मेलन पर लगी हुई है। सम्मेलन कल समाप्त होगा।