नई दिल्ली (युग करवट)। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। श्री रावत ने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनके किसी कार्य से पार्टी का संघर्ष कमजोर हो। प्रवर्तन निदेशालय ने उनके ओएसडी के परिसरों पर छापा मारा था। यह छापा 2016 की उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ी धन शोधन जांच के संबंध में था। रावत ने अपने सहयोगी द्वारा किसी भी गलत काम के आरोपों से इन्कार किया। श्री रावत ने स्वीकार किया कि जीना उनके ओएसडी रहे हैं। उन्होंने पार्टी और सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। उन्होंने जीना को एक विनम्र और मेहनती व्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि जब चुनाव होते हैं तब सीबीआई उनके दरवाजे पर आती है। इस बार उनके सहयोगी के घर पर दस्तक देकर एक कहानी गढऩे का प्रयास किया गया है। रावत ने कहा कि ऐसे समय में यदि उनके किसी कार्य से पार्टी का संघर्ष कमजोर होता है, तो वह ऐसा बिल्कुल नहीं चाहेंगे। इसलिए उन्होंने यह बड़ा निर्णय लिया है।