गाजियाबाद (युग करवट)। वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रतिष्ठित समाचार पत्र दैनिक हिंट के संस्थापक सम्पादक कमल सेखरी की नव प्रकाशित पुस्तक ‘कहां खड़ा है भारत:दुनिया एक- रंग अनेक’ का लोकापर्ण एक कार्यक्रम में सांसद अतुल गर्ग ने किया। इस अवसर पर सांसद अतुल गर्ग ने कहा कि श्री सेखरी ने दुनिया के अनेक देशों का भ्रमण कर वहां की सामाजिक-राजनैतिक व्यवस्था का बड़ी गहराई से अध्ययन किया और उसके समकक्ष भारत की परिस्थितियों को खड़ा कर एक ऐसा तुलनात्मक अध्ययन इस पुस्तक के माध्यम से किया है जो हमें प्रेरित करता है कि कैसे हम अपने देश को दुनिया की अग्रिम पंक्ति में खड़ा कर सकते हैं। वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रतिष्ठित समाचार पत्र दैनिक हिंट के संस्थापक सम्पादक कमल सेखरी की नव प्रकाशित पुस्तक ‘कहां खड़ा है भारत:दुनिया एक- रंग अनेक’ का लोकापर्ण एक कार्यक्रम में सांसद अतुल गर्ग ने किया। इस अवसर पर सांसद अतुल गर्ग ने कहा कि श्री सेखरी ने दुनिया के अनेक देशों का भ्रमण कर वहां की सामाजिक-राजनैतिक व्यवस्था का बड़ी गहराई से अध्ययन किया और उसके समकक्ष भारत की परिस्थितियों को खड़ा कर एक ऐसा तुलनात्मक अध्ययन इस पुस्तक के माध्यम से किया है जो हमें प्रेरित करता है कि कैसे हम अपने देश को दुनिया की अग्रिम पंक्ति में खड़ा कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि श्री सेखरी की पत्रकारिता का मैं साक्षी रहा हूं और मैंने पाया है कि उन्होंने कभी भी मूल्यों से समझौता नहीं किया और इसके लिए बड़ी से बड़ी शक्ति से लोहा लेने में भी उन्होंने कभी संकोच नहीं किया । उनकी इस निर्भीक पत्रकारिता का ही परिणाम था कि दशकों पूर्व भी उनके अखबार की दस हजार प्रतियां न केवल छपती थीं अपितु सुरुचिपूर्ण रोजाना पढ़ी भी जाती थीं। इस अवसर पर प्रदेश के पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी ने कहा कि हिंट शहर का पहला समाचार पत्र था जो स्थानीय समस्याओं को न केवल जन प्रतिनिधियों व प्रशासन के संज्ञान में लाता था अपितु उनके निदान हेतु अपने तईं सुझाव भी प्रस्तुत करता था । कमल सेखरी का नियमित कॉलम ‘चर्चा ए आम’ भी शहर का धडक़न का कार्य करता था और उसके तहत स्थानीय ही नहीं प्रादेशिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर भी महत्वपूर्ण टिप्पणियां की जाती थीं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में प्रशासनिक अधिकारी अपने हिसाब से विकास कार्यों को अंजाम देते हैं और जनता की भावनाओं और जरूरतों से वे अवगत ही नहीं हो पाते । समाचार पत्र ही वह बीच की कड़ी हैं जो इस अंतर को ढांप सकते हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता पृथ्वी सिंह ने इस मौके पर कहा कि मैं कमल जी की जीवटता का सदा से ही कायल रहा हूं और विपरीत परिस्थितियों में भी उनके कदम कभी नहीं डगमगाए। उनकी जुझारू पत्रकारिता का ही परिणाम रहा कि उनका अखबार दशकों तक शहर की पहचान बना रहा । युग करवट के प्रधान संपादक सलामत मियां ने श्री सेखरी के साथ जुड़ी अपनी यादों को साझा करते हुए कहा कि सच्चे मायनों में पत्रकारिता से मेरा जुड़ाव सेखरी जी के संपर्क में आने के बाद ही हुआ और जनपद में मेरी पहचान का पहला और प्रभावी माध्यम दैनिक हिंट ही रहा । उन्होंने बताया कि दूर दराज के लोगों के फोन में आज भी मेरा फोन नंबर हिंट के नाम के साथ जोड़ कर लिखा हुआ है। उन्होंने कहा कि श्री सेखरी ने अपने अनुभवों को पुस्तक का रूप देकर एक महत्वपूर्ण कार्य किया है और इससे हम सभी को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा ।
वरिष्ठ पत्रकार एवं जाने माने कवि राज कौशिक ने भी श्री सेखरी और उनके समाचार पत्र से जुड़ी अपनी यादों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी अखबार में पहली बार जब मेरा नाम प्रकाशित हुआ, वह अखबार कमल जी का ही था ।
वरिष्ठ पत्रकार रवि अरोड़ा ने कहा कि कमल जी के व्यक्तित्व के अनेक पहलू हैं और एक सच्चे पत्रकार के साथ साथ उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अनेक उद्यम भी किए और अनेक नए मानक गढ़े। उपस्थित अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए पुस्तक के लेखक कमल सेखरी ने बताया कि उन्होंने आस्ट्रेलिया, सिंगापुर, चीन, अमेरिका, उत्तर कोरिया और रूस जैसे देशों का अनेकानेक बार भ्रमण किया और एक पत्रकार के नजरिए से उनकी राजनीतिक-सामाजिक परिस्थितियों, कला संस्कृति, शिक्षा, रहन सहन, नागरिक सुविधाओं, कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं को गहनता से परखा और उसी के अनुरूप भारत को भी तुलनात्मक नजरिए से देखा। उन्होंने कहा कि मैने ऐसा कोई प्रयास नहीं किया है कि बाहरी दुनिया में हुए विकास और वहां उपलब्ध सुविधाओं के प्रति किसी किस्म के द्वेष अथवा ईष्र्या से हम भर जाएं मगर बाहरी दुनिया से जो कुछ सीखा जा सकता है, उसके बाबत हमें कोई झिझक भी नहीं होनी चाहिए। कार्यक्रम में सेखरी जी के पुत्र व हिंट रेडियो के संचालक सामंत सेखरी भी मौजूद थे ।