नोएडा स्थित चोटपुर, छिजारसी और बहलोलपुर आदि के डूब क्षेत्र में अंधेरा अंधेरे के साथ लोगों का दर्द भी लगातार बढ़ता जा रहा है। बिजली विभाग लगातार कनेक्शन काट रहा है और जनता परेशान हो रही है। जब दर्द हद से बढ़ा तो लोगों ने विधायक का रुख किया। वहां से आश्वासन मिला। मगर जनता को मात्र आश्वासन या वादा नहीं चाहिए। क्योंकि विभाग रोज कनेक्शन काट रहा है। लोगों को अंधेरे के साथ पानी आपूर्ति और सोने की समस्या का भी सामना करना पड़ा है। नोएडा डूब क्षेत्र की यह कोई पहली या नई समस्या नहीं है। यहां सरकारी विभागों और निवासियों के बीच विवाद काफी पुराना हो चुका है। बिजली विभाग की कार्रवाई से लोग इतने आजिज हो चुके हैं कि उन्हेें सडक़ पर उतरने का फैसला लेना पड़ा। मगर समस्या अभी तक जस की तस रही। वर्तमान परिस्थितियों में बिना बिजली के एक घंटा नहीं रहा जाता। नोएडा डूब क्षेत्र में तो चार दिन हो गए हैं। अब आदमी पूरी तरह से बिजली और इंटरनेट पर निर्भर हो चुका है। बिजली नहीं आने से लोग मोबाइल फोन चार्ज नहीं कर पा रहे हैं, इससे कनेक्टिविटी खत्म हो रही है। लोग ई पेमेंट नहीं कर पा रहे हैं। बच्चे पढ़ाई नही कर पा रहे हैं। लोगों को पीने का पानी तक नसीब नहीं हो पा रहा है। लोग नियमित इस्तेमाल के लिए भी पानी खरीदने पर मजबूर हैं। ऐसा भी संभव नहीं लगता कि नोएडा के इन सैंकड़ों लोगों का दर्द सरकार तक नहीं पहुंचा हो। लोग विधायक पंकज सिंह के पास गए थे, तो उन्होंने भी शासन स्तर पर बात की ही होगी। जिस समस्या का समाधान पहले ही दिन हो जाना चाहिए था, उसे पांच दिन हो चुके हैं। यह भी देखना चाहिए कि आखिर यह सब हो किसके कहने पर रहा है। किस स्तर से ऐसे निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों ने मानवीय पक्ष, वृद्घों, महिलाएं, बच्चों और बीमारों का भी ख्याल नहीं रखा। कुछ और नहीं तो मानवता के नाते ही ऐसी कार्रवाई को रोक सकते थे। मुझे नहीं लगता कि उत्तर प्रदेश के किसी और जिले में भी ऐसी कोई कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश चुनावी वर्ष में है। इसलिए भाजपा नेताओं को तो कम से कम जनता को नाराज करने की कार्रवाई से बचना चाहिए और सरकार तक लोगों का दर्द पहुंचाना चाहिए।