प्रमुख अपराध संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। कोडिनयुक्त कफ सिरप की तस्करी करने वाले गैंग के दो भाईयों विशाल राणा व विभोर राणा निवासी शास्त्रीनगर सहारनुपर को पीआईटीएनडीपीएस एक्ट के तहत निरूद्घ करके उनके जमानत लेकर बाहर आने वाले सपने का चकनाचूर कर दिया। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था एवं यातायात राजकरन नैय्यर ने बताया कि इस एक्ट के लगने के बाद इन तस्करों की जमानत अब जल्दी से नहीं हो पायेगी। उन्होंने बताया कि यह एक्ट जहां एक दशक के बाद गाजियाबाद पुलिस प्रशासन के द्वारा लगाया गया वहीं कमिश्नरेट सिस्टम के तहत पहली बार इस एक्ट का प्रयोग किया गया है। इस एक्ट की मियाद एक साल तक हो सकती है। जिसकी वजह से इस अधिनियम के तहत निरूद्घ किये गये नशे के सौदागरों को अदालत आसानी से जमानत नहीं देती है। श्री नैय्यर ने बताया कि कोडिनयुक्त कफ सिरप की तस्करी अंतर्राष्टï्रीय स्तर पर करने वाले तस्करों के इस सिंडीकेट का भंड़ाफोड सीपी की स्वॉट टीम ने नन्दग्राम थाना पुलिस के साथ मिलकर ३/४ नवंबर २०२५ की रात में किया था। उस समय पुलिस ने मौके से जहां चार ट्रक में भरी हुई कोडिनयुक्त सिरप की ११५० पेटी, एक क्रेटा कार, दस मोबाइल व फर्जी मोहरें आदि बरामद की थी वहीं कई तस्करों को भी गिरफ्तार करके जेल भेजा था। विशाल राणा व विभोर राणा न केवल पेशेवर अपराधी है बल्कि पिछले काफी समय से नशीले पदार्थो की तस्करी के गोरखधंधे में भी लिप्त रहे हैं। इन दोनों भाईयों पर अनेक अभियोग पंजीकृत हैं।