नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। भारतीय किसान यूनियन ने गांव काजीपुर में किसानों के आवास पर पुलिस एवं प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करते हुए इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। यूनियन के जिलाध्यक्ष चौधरी विजेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि आठ जुलाई को काजीपुर गांव में किसानों के आवास पर पुलिस ने कार्रवाई की और महिलाओं को वरिष्ठ नागरिकों के साथ दुव्र्यवहार किया।
यह मामला उच्च न्यायालय में विचारधीन है इसके बाद भी इस तरह की कार्रवाई पूर्ण रूप से अवैधानिक है। संगठन के नेताओं ने कहा कि इस घटना की उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या उच्च न्यायालय की निगरानी में कराई जाए। घटना में शामिल पुलिस, वेव सिटी थानाध्यक्ष, एसीपी वेब सिटी, एसडीएम सदर, नायब तहसीलदार के खिलाफ जांच पूर्ण होने तक एफआईआर कराई जाए। साथ ही निलंबन भी किया जाए। साथ ही न्यायालयों में चल रहे लंबित वादों के अंतिम निर्णय तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। यूनियन ने प्रेसवार्ता के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन सौंपे जाने का निर्णय लिया। जिसमें कहा गया कि किसानों की जमीनों से संबंधित कार्यवाही लागू अधिग्रहण कानूनों के अनुसार ही की जाए। जिन किसानों के परिवारों को क्षति पहुंचाई गई है उन्हें मुआवजा दिया जाए।
जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन वेव सिटी बिल्डर को लाभ पहुंचाने के लिए इस तरह की कार्रवाई कर रहा है जिससे किसानों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हुई है। किसानों से जबरन जमीनों को हड़पने वाले मामलों की भी जांच कराई जाए। इस दौरान युवा जिलाध्यक्ष छोटे चौधरी, मोहित त्यागी, जयकुमार मलिक, अनुज चौधरी आदि मौजूद रहे।