विधायक और सांसद में दुरियां
नोएडा की राजनीति में इस समय जो कुछ दिखाई दे रहा है उससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि नोएडा में भाजपा के अंदर जो सामने दिखाई देता है उसके ठीक उलट अंदर कुछ और है। तीसरी आंख ने देखा कि भाजपा के सांसद डॉ. महेश शर्मा और जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह के बीच दूरियां कुछ ज्यादा ही बढ़ रही हैं। दरअसल, अब जेवर का एयरपोर्ट बनने के बाद और जिस तरह किसानों को लेकर धीरेंद्र सिंह मुख्यमंत्री के यहां गये, कार्यक्रम का संचालन उन्होंने किया, नि:संदेह धीरेंद्र सिंह एक नई शक्ति का केंद्र बन गये हैं। उधर, सांसद महेश शर्मा भी सत्ता की शक्ति का बड़ा केंद्र हैं। ब्राह्मïण समाज में उनकी जितनी पकड़ मजबूत है वो जगजाहिर है। दिल्ली में उनके रिश्ते अच्छे हैं, लखनऊ वालों से ज्यादा रिश्ते मजबूत नहीं हैं, लेकिन उनका एक प्रोटोकॉल है और उनके प्रोटोकॉल का ख्याल रखना विधायकों की जिम्मेदारी भी है। क्योंकि वो भी उसी पार्टी के सांसद हैं जिस पार्टी के सभी विधायक हैं। अभी हाल ही में जब किसानों को लेकर हवाई जहाज लखनऊ गया, एक बड़ा कार्यक्रम रखा गया, लेकिन उसमें स्थानीय सांसद डॉ. महेश शर्मा को नहीं बुलाया गया। हालांकि जेवर एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से व्यवस्था की गई थी, लेकिन ऐसा हो नहीं सकता कि अथॉरिटी वाले ना बुलाएं। हो सकता है इसमें भी कहीं ना कहीं अंदरूनी गुटबाजी हावी रही हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाषण में भी अब नोएडा की जगह जेवर शब्द ज्यादा सुनाई दे रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जेवर के विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह इस समय लखनऊ में एक मजबूत पकड़ रखते हैं। २०२७ के विधानसभा चुनाव में आपस की ये दूरियां कितनी भूमिका निभाएंगी ये देखने वाली बात है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में हो रही चर्चाओं पर भरोसा करें तो चुनावी मौसम में इस तरह की दूरियां, गुटबाजी का लाभ विपक्ष बहुत आसानी से उठा सकता है। दरअसल, विधायक धीरेंद्र सिंह की अपने क्षेत्र में बहुत मजबूत पकड़ है और लखनऊ में पकड़ मजबूत होने के कारण वो अपनी खूब चला रहे हैं। ये मिसाल है कि जिसने चलती में ना चलाई तो फिर बाद में मलाल होगा। वहीं क्षेत्रीय सांसद महेश शर्मा की जो पकड़ है वो सभी के सामने है। उनका अपने समाज के अलावा दूसरे समाज में भी ठीक-ठाक पकड़ है और वो इसका अहसास भी करा चुके हैं। बहरहाल, जेवर एयरपोर्ट के कार्यक्रम में सांसद को नहीं बुलाना ये सीधा-सीधा प्रोटोकॉल का उल्लंघन है इससे इनकार भी नहीं किया जा सकता। जय हिन्द