गाजियाबाद (युग करवट)। राजनगर सेक्टर-1 में लोगों की सुविधा के लिए किया जा रहा नाला निर्माण अब उनके लिए परेशानियों का सबब बन गया है। नाला बनाने के लिए ठेकेदार ने उसका मलबा निकाल कर सर्विस रोड पर ही डाल दिया जिसकी वजह से गाडिय़ां निकलना तो दूर लोग पैदल तक भी नहीं निकल पा रहे हैं। पिछले पांच दिन से लोगों को अपनी गाडिय़ों को दूसरी जगह पर लगाकर जैसे-तैसे कीचड़ से होकर घरों तक पहुंच रहे हैं। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में काफी आक्रोष है। स्थानीय लोगों ने इस मामले की शिकायत क्षेत्र के पार्षद व कार्यकारिणी उपाध्यक्ष प्रवीण चौधरी से की। जिस पर मौके पर पहुंचे पार्षद प्रवीण चौधरी ने मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान स्थानीय लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को न सिर्फ बल्कि मौके पर जेई व ठेकेदार को बुलाया और तत्काल काम भी रूकवाया।
स्थानीय निवासी मोहित त्यागी ने बताया कि पिछले पांच दिन से नाले का निर्माण करने के लिए मलबा निकाल कर घरों के सामने वाली सडक़ पर डाल दिया गया है। मलबा डालने वालों को रोका भी गया लेकिन उन्होंने फिर भी अपने मनमाने तरीके से काम किया जिसकी वजह से लोगों को अपने घरों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। यहां बच्चे-बुजुर्ग सभी रहते हैं, वह सभी घरों में कैद होकर रह गए हैं। वहीं जगजीत सिंह ने बताया कि अगर कोई मेडिकल इमरजेंसी हो गई तो अस्पताल तक पहुंचना लोगों के लिए दुर्भर हो जाएगा। स्थानीय निवासी सुबोध गर्ग ने कहा कि नाला का निर्माण होना अच्छी बात है लेकिन उसकी आड़ में जिस तरह से लोगों को परेशान किया जा रहा है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोगों के घरों के आगे पेड़ तोड़ दिए गए हैं, भारीभरकम लोडर के चलने से रैम्प तक टूट गए हैं। निकलने का रास्ता तक नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचे पार्षद प्रवीण चौधरी से कहा कि जब तक उनके घरों के आगे से मलबा नहीं हटाया जाएगा, उन्हें आवागमन के लिए रास्ता नहीं दिया जाएगा, काम दोबारा शुरू नहीं होने दिया जाएगा। मौके पर ही स्थानीय लोगों ने काम कर रहे लोगों को काम बंद करने की चेतावनी भी दी। पार्षद प्रवीण चौधरी ने कहा कि निर्माण कार्य का मतलब यह नहीं है कि लोगों को घरों में ही कैद कर दिया जाए। लगातार इस मामले में स्थानीय निवासियों की शिकायतें मिल रही थी, मौके पर पहुंचे तो स्थिति बदहाल मिली, लोगों को घरों से निकलना तक बंद हो गया है। पार्षद ने मौके पर ही नगरायुक्त से फोन पर वार्ता कर स्थिति के बारे में अवगत कराया, साथ ही तत्काल प्रभाव से काम रूकवा कर पहले मलबा हटाने का काम शुरू कराया। उन्होंने स्थानीय लोगों को आश्वासन दिया कि जब तक उनकी समस्या का हल नहीं होगा, तब तक काम शुरू नहीं होगा।