कार्यकर्ताओं को सम्मान देने में विश्वास रखते हैं धर्मपाल सिंह
आशित त्यागी
गाजियाबाद (युग करवट)। जमीनी कार्यकर्ता के रूप में जब कोई बड़े पद पर पहुंचता है और उसक बड़े पद पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं को याद करता है तो वो बड़ा नेता वास्तव में लोगों के दिल में रहता है। मंडल अध्यक्ष से अपना राजनीतिक जीवन शुरू करने वाले गाजियाबाद एवं रामपुर के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह कुछ इसी सोच को रखते हुए आम कार्यकर्ताओं को सम्मान देने से पीछे नहीं हटते। पहले प्रभारी मंत्री की समीक्षा बैठक में केवल संगठन के अध्यक्ष और जनप्रतिनिधि शामिल होते थे लेकिन अब प्रभारी मंत्री की बैठक में संगठन के महामंत्री भी शामिल होंगे और इसकी शुरूआत प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने अपनी पहली बैठक से शुरू कर दी थी। ये अपने आप में कार्यकर्ता के लिए एक सम्मान की बात है।
यूपी सरकार ने दुग्ध और पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह को गाजियाबाद व रामपुर का प्रभारी मंत्री नियुक्त किया। गाजियाबाद में अपनी पहली ही बैठक में प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने अलग अंदाज दिखाया। ऐसा पहली बार हुआ जब प्रभारी मंत्री की अधिाकारियों के साथ समीक्षा बैठक में महानगर महामंत्रियों को शामिल किया गया। अब से पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था। इतना ही नहीं संगठन की बैठक में मंडल अध्यक्षों को अधिक सम्मान और तव्वजो दी गई। प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह चार जून को गाजियाबाद आए थे। उसी दिन उन्होंने पुलिस-प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक की। अब तक ऐसी बैठक से महामंत्रियों को दूर रखने की परंपरा रही थी। मगर धर्मपाल सिंह ने अपनी अलग सोच और कार्यप्रणाली पेश की। उन्होंने महानगर भाजपा अध्यक्ष मयंक गोयल से अपने तीनों महामंत्रियों को भी बैठक में शामिल करने का निर्देश दिया। प्रभारी मंत्री की समीक्षा बैठक में शामिल होकर महानगर महामंत्री खुश नजर आए। इसी तरह जब संगठन की बैठक हुई तो प्रभारी मंत्री ने उसमें मंडल अध्यक्षों को भरपूर सम्मान और तव्वजो दी। इससे भाजपा के मंडल अध्यक्ष अभीभूत नजर आए। अपने पहले कार्यक्रम से ही प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने स्पष्टï संदेश दिया कि उनके लिए कार्यकर्ता सर्वप्रथम भी है और सर्वोपरी भी। उन्होंने गाजियाबाद की भाजपा में एक अलग परिपाटी शुरू कर दी है। प्रभारी मंत्री से गाजियाबाद का जो भी कार्यकर्ता मिला वह उन्हीं का हो गया। गाजियाबाद के अपने पहले दौरे पर वरिष्ठ भाजपा नेता एवं रामपुर के संगठन प्रभारी राजा वर्मा के घर पहुंच कर उन्होंने संदेश दिया कि वह संबंध निभाना बखूबी जानते हैं। वह रामपुर के भी प्रभारी मंत्री हैं। गाजियाबाद के बाद उन्होंने रामपुर का भी दौरा किया। वहां के कार्यकर्ता भी उनके व्यवहार के कायल हो गए।
खुद भाजपा के मंडल अध्यक्ष रहे हैं धर्मपाल सिंह
गाजियाबाद (युग करवट)। प्रदेश सरकार के दुग्ध एवं पशुधन मंत्री तथा गाजियाबाद व रामपुर के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह खुद भाजपा के मंडल अध्यक्ष रहे हैं। बताते हैं संगठन का काम करते हुए उन्हें भाजपा का मंडल अध्यक्ष बनाया गया था। वहां से अपनी मेहनत व काबिलियत के दम पर वह प्रदेश सरकार में मंत्री बने। बताते हैं कि इसी वजह से वह कार्यकर्ताओं को अधिक सम्मान देते हैं।
दो बार चला भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के लिए नाम
गाजियाबाद (युग करवट)। दुग्ध एवं पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं। उन्होंने भाजपा के संगठन में कई पदों पर अपनी सेवा दी है। वह दो बार भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाने की दौड़ में अंतिम समय तक बने रहे। पहली बार वर्ष 2016 में उनका नाम भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के लिए चला था। अब 2026 में फिर से उनको प्रदेश अध्यक्ष बनाने की चर्चा हुई। एक बार तो लगा कि उनके नाम की घोषणा होने ही वाली है। मगर शायद भाग्य ने उनका साथ नहीं दिया।