कविनगर रामलीला कमेटी का मामला
गाजियाबाद (युग करवट)। कविनगर रामलीला कमेटी को लेकर पूर्व सांसद डॉ. रमेशचंद तोमर काफी समय से पत्र व्यवहार कर रहे हैं। कमेटी को लेकर उन्होंने कई बार शिकायतें की हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार जो अभी हाल ही में हटाये गये हैं उनके तबादले के पीछे भी रमेशचंद तोमर ही बताये गये हैं। क्योंकि कई बार डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा अपने आदेश बदले गये हैं इसको लेकर पूर्व सांसद नाराज थे।
डॉ. रमेशचंद तोमर का कहना है कि रामलीला कमेटी चार साल से मान्यता प्राप्त कमेटी नहीं है तो फिर वो किस तरह काम कर रही है। अभी दो दिन पहले ही पूर्व सांसद की शिकायत पर जीडीए द्वारा रामलीला कमेटी द्वारा रामलीला मैदान में बनाये गये जानकी भवन को अपने कब्जे में लिया गया। पूर्व सांसद का कहना है कि ये सम्पत्ति जीडीए की है इसकी देखरेख जीडीए को ही करना चाहिए। इस शिकायत पर जीडीए ने अपनी सम्पत्ति कब्जे में ले ली है। अब कल फिर पूर्व सांसद डॉ. रमेशचंद तोमर डिप्टी रजिस्ट्रार से मिले और उन्होंने रामलीला कमेटी कविनगर के संबंध में महत्वपूर्ण दस्तावेज और जानकारियां डिप्टी रजिस्ट्रार को दी। डिप्टी रजिस्ट्रार ने दस्तावेज के अध्ययन और कार्रवाई के लिए पूर्व सांसद से दो दिन का समय मांगा है। सूत्र बताते हैं कि डॉ. रमेशचंद तोमर कोई बड़ा धमाका कर सकते हैं।