देर रात पुलिस ने मुठभेड़ में गौरव के दोनों पैरों में मारी गोलियां
प्रमुख अपराध संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। बीती रात एसीपी लोनी सिद्घाथ गौतम की अगुवाई में हुई मुठभेड़ में लोनी थाने के एसएचओ योगेेंद्र सिंह की टीम ने ओमकार मर्डर केस में वांछित चल रहे गनौली निवासी ५० हजार के ईनामी अभियुक्त गौरव पुत्र बिजेंद्र के दोनो पैरों में गोली मारकर दबोच लिया।
यह जानकारी देते हुए एसीपी लोनी सिद्घार्थ गौतम ने बताया कि पकड़े गये गौरव के पास से तमंचा, कारतूस व वाहन भी बरामद हुआ है। इस चर्चित हत्यकांड में वांछित ५० हजार के ईनामी अभियुक्त मोहित निवासी गनौली को सीपी व डीसीपी रूरल और लोनी पुलिस की संयुक्त टीम ने एसीपी लोनी सिद्घार्थ गौतम की अगुवाई में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। डीसीपी रूरल सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि पुलिस को यह सफलता सीसीटीवी कैमरों से मिली इनपुट से मिली। पूछताछ में मोहित ने बताया कि कुछ समय पूर्व उसके साथियों का विवाद ओमकार के पुत्र से हो गया था। उसी प्रकरण को लेकर विक्की के मकान में एक पंचायत हुई थी। पंचायत के दौरान विवाद होने पर ओमकार ने जहां सौरभ उर्फ भोला व उसके पिता बिजेंद्र को न केवल थप्पड़ मारे थे बल्कि उनकी बेईज्जती भी की थी। उसी का बदला लेने के गौरव नागर, सौरभ भोला, गौरव व गोपाल आदि के साथ मिलकर ने उसी रात ओमकार को खत्म करने की योजना बना ली। उन्हें पता था कि ओमकार हर रोज सुबह के समय पशुओं का चारा लेने जाता है। ३० मई को सुबह के समय सौरभ उर्फ भोला कार में पिस्टल लेकर उनके पास पहुंच गया। उसके बाद उन्होंने ओमकार को खड़खड़ी अंडरपास के घेरकर उसे पहले तो गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया और फिर उसकी लाश को पूथ के पास रोहटा गंगनहर में फेंक दिया। श्री तिवारी ने बताया कि ओमकार मर्डर केस में शामिल शेष अभियुक्तों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जायेगा। डीसीपी रूरल सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि लोनी पुलिस वांछित अभियुक्तों को शरण देने तथा उनकी सहायता करने वाले पांच और अभियुक्तों सागर, विनीत, मनीष, संदीव ज्योति को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। श्री तिवारी ने बताया कि पुलिस ओमकार मर्डर केस में अभी तक दो दर्जन अभियुक्तों को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है।