सामाजिक व देशभक्ति कार्याक्रमों के लिए मिलेगा खुला मंच
नगर संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। देश की राजधानी दिल्ली, नोएडा जैसे शहरों में ही लोगों को ओपेन थियेटर देखने को मिलते थे, जहां लोग सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए गाजियाबाद से पहुंचते थे। लेकिन अब जिले के लोगों को शहर में ही आधुनिक सुविधाओं से लैस ओपन एयर थियेटर उपलब्ध होगा।
जीडीए वीसी नंदकिशोर कलाल ने बताया कि प्राधिकरण मधुबन बापूधाम योजना के शहीद स्मृति पार्क में ओपेन एयर थियेटर का निर्माण करा रहा है। इस साल के अंत तक इस थियेटर के पूरा होने की उम्मीद है जिससे नए साल में लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा। यह ओपेन थियेटर कोई आम थियेटर नहीं होगा, बल्कि शहर की सांस्कृतिक, सामाजिक व देशभक्ति गतिविधियों का भी केन्द्र बनेगा। इस ओपन थियेटर को पूरी तरह से आधुनिक तर्ज पर बनाया जाएगा। जहां युवाओं को भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा तो वहीं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से साथ ही शहर की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने व आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति, सभ्यता से रूबरू होने का अवसर मिल सकेगा।
करीब एक करोड़ की लागत से यह थियेटर का निर्माण किया जा रहा है जिसे जनवरी 2027 में शुरू किया जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना के माध्यम से स्थानीय नागरिकों को अपने ही क्षेत्र में एक सुव्यवस्थित एवं आधुनिक खुला मंच उपलब्ध होगा, जहां विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, नाटक, संगीत संध्या, कवि सम्मेलन, योग शिविर, देशभक्ति कार्यक्रम तथा जन-जागरूकता अभियानों का आयोजन किया जा सकेगा। यह पहल विशेष रूप से बच्चों एवं युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता का अवसर प्रदान करेगी।
जीडीए अधिकारियों के मुताबिक ओपन एयर थियेटर को इस तरह से डिजाइन किया जा रहा है जहां बड़े स्तर पर सांस्कृतिक गतिविधियां हो सके। इस थियेटर को अर्ध-गोलाकार शैली में बनाया जाएगा, ताकि दर्शक प्राकृतिक वातावरण में बैठकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद ले सकें। इसमें दर्शकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएंगी। लाइटिंग से लेकर साउंड सिस्टम पर भी काम होगा। बता दें कि शहीद स्मारक पार्क का निर्माण 1857 के स्वतंत्रता संग्राम समेत देश के लिए बलिदान देने वाले वीर शहीदों की स्मृति में किया गया है। करीब 7,290 वर्ग मीटर में फैले इस पार्क में 1962 भारत-चीन युद्ध 1965 और 1971 भारत-पाक युद्ध में जनपद के शहीदों के नाम शिलापट पर अंकित हैं। पहले यह स्मारक मेरठ तिराहे पर था, जिसे बाद में मधुबन बापूधाम में स्थानांतरित किया गया।