गाजियाबाद (युग करवट)। आज से जनगणना कर्मचारी फील्ड में उतरकर अपने सम्बंधित क्षेत्रों का नक्शा तैयार करने में जुट गए हैं। दो दिन तक प्रगणक अपने क्षेत्र का नक्शा तैयार करेंगे जिसके बाद 24 मई से घर-घर जाकर जनगणना करेंगे। इस दौरान प्रगणक घरों का नक्शा से लेकर मकानों सूचीकरण भी करेंगे ताकि वह जनगणना आसानी से कर सकें। जनगणना में करीब 17 हजार कर्मचारी तैनात किए गए हैं। जनगणना के दौरान प्रगणक घर-घर जाकर परिवार का पूरा ब्यौरा सहित 33 सवालों का जवाब दर्ज करेंगे। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने के कारण सम्भावना जताई जा रही है कि जनगणना का कार्य तेजी से होगा। हालांकि नियमित रूप से 24 मई से जनगणना का कार्य शुरू होगा। हर प्रगणक को 180 घर आवंटित किए गए हैं जिन्हें एक महीने तक पूर्ण करना होगा। इसके लिए कर्मियों को अपने विभाग का जरूरी काम बिना बाधित किए कार्य करना होगा। जनगणना कर्मियों को कोई दिक्कत न हो इसके लिए प्रत्येक प्रगणक के पास अधिकृत पहचान पत्र होगा जिस पर कर्मचारी के संबंधित विभाग का नाम, प्रगणक का पदनाम, मोबाइल नम्बर अंकित रहेगा जिससे कोई आसामजिक तत्व इसकी आड़ में घरों में प्रवेश न कर सके। गणना कार्य की जानकारी गोपनीय रखा जाएगा, इसे किसी भी स्तर पर शेयर नहीं किया जाएगा। आम जन से भी जिला प्रशासन ने अपील की है कि प्रगणकों का सहयोग करें और जो जानकारी मांगी जाए वह उपलब्ध कराई जाए जिससे कार्य आसान हो सके। इतना ही नही प्रशासन ने जनगणना की जानकारी व सुझाव के लिए हेल्पलाइन नंबर 0120.2989055 नम्बर जारी किया है। वहीं अब तक जनगणना डयूटी नहीं लेने वाले कर्मिकों की भी सूची तैयार होना शुरू हो गई है। अंतिम समय तक भी डयूटी लेने वालों को राहत मिल सकती है मगर इसके बाद भी डयूटी नहीं लेने वालों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। चिन्हित लोगों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
कार्यालय समय में जनगणना कार्य को लेकर कर्मियों में रोष
आज से जनगणना का दूसरा चरण शुरू हो गया है। जिसके लिए करीब 17 हजार कर्मियों को लगाया गया है। इसके लिए कर्मियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वह जनगणना का कार्य बिना कार्यालय का कार्य बाधित किए पूरा करेंगे। एक कर्मिक को 180 घर आवंटित किए गए हैं। ऐसे में वह सुबह और शाम चार बजे के बाद से जनगणना कर सकेंगे। इसको लेकर कर्मियों में रोष है। कर्मचारियों का आरोप है कि एक समय में उनसे दो-दो कार्य लिए जा रहे हैं। कार्यालय के जरूरी कार्यो की जिम्मेदारी भी निभानी है। जबकि जनगणना का कार्य बेहद जिम्मेदारी वाला होता है। ऐसे लोग घरों से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं, उनके घरों को नॉक करना आसान कार्य नहीं होगा। इस कार्य में बैंक कर्मियों की भी डयूटी लगाई है। बैंककर्मियों का कहना है कि अन्य किसी शहर में बैंक कर्मचारियों को जनगणना में नहीं लगाया गया है। इसको लेकर जिला जनगणना अधिकारी से मुलाकात भी की गई लेकिन उन्होंने डयूटी हटाने से स्पष्टï इंकार कर दिया। जब अन्य जिलों में डयूटी नहीं दी गई तो यहां जबरदस्ती कार्य लिया जा रहा है।