मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बढ़ती लोकप्रियता और दिल्ली की आंखों में आंखें डालकर बात करने के कारण अब दिल्ली वाले योगी आदित्यनाथ के चेहरे पर ही २०२७ का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। दरअसल, पिछले डेढ़ साल से योगी आदित्यनाथ को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थी लेकिन योगी आदित्यनाथ की जिस तरह लोकप्रियता बढ़ रही है उसको देखते हुए अब दिल्ली वालों ने भी उनको छूने का मन बदल दिया है और 2027 में योगी ही भाजपा का चेहरा होंगे। मंत्रिमंडल के विस्तार में देरी और फिर मंत्रालयों का जो वितरण हुआ है उसको देखकर यही लग रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली के कहने के अनुसार काम नहीं किया। अगर मंत्रालयों के बंटवारों पर नजर डालें तो केवल और केवल मनोज पांडेय को ही ठीक-ठाक मंत्रालय दिया गया है बाकी सभी को नाम मात्र का ही मंत्रालय है। योगी आदित्यनाथ की जिस तरह बयानबाजी चल रही है उनके जो तेवर है उसको देखकर दिल्ली वालों ने भी अब योगी आदित्यनाथ पर ही चुनाव लडऩे का मन बनाया है। दरअसल, इसमें कोई दोराय नहीं है कि लखनऊ और दिल्ली के बीच बहुत कड़वाहट है लेकिन योगी आदित्यनाथ को टच करना भी ठीक नहीं है। वैसे यूपी में 2017 और 2022 जैसा माहौल भाजपा के लिए नहीं है। ये बात अच्छी तरह से दिल्ली वालों को पता है। यही कारण है कि पंचायत के चुनाव टाल दिये गये, वरना अगर माहौल अच्छा होता तो हर कीमत पर इसी साल चुनाव होता। क्योंंकि ये गांव और देहात का चुनाव होता है और यहां पर अगर भाजपा को हार मिलती तो 2027 के विधानसभा चुनाव पर सीधा असर डालती इसीलिए आरक्षण का बहाना बनाकर चुनाव टाल दिये गये। तीसरी आंख ने देखा कि जातिवाद को लेकर भी यूपी में भाजपा की स्थिति ठीक नहीं है। एक जाति विशेष को तरजीह दिये जाने के कारण चुनाव में अहम भूमिका निभाने वाले कई वोट बैंक को हाशिए पर डाल दिया गया है। इसका अहसास भी भाजपा को है। यही कारण है कि अब संगठन में बहुत बदलाव दिखाई देगा। दरअसल, सरकार के खिलाफ एंटीकमबैंसी भी कहीं ना कहीं दिल्ली वालों को दिखाई दे रही है। ये भी दिल्ली वालों को पता है। तीसरी आंख ने देखा कि संगठन और सरकार के बीच बिल्कुल भी तालमेल नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष से लेकर संगठन मंत्री भी सरकार के कुछ फैसलों से अंदरखाने नाराज है। वहीं संगठन और सरकार के बीच जहां दूरियां हैं वहीं दोनों उपमुख्यमंत्री भी पूरी तरह से नाराज दिखाई दे रहे हैं लेकिन दिल्ली वालों ने अब साफ तौर पर दोनों उपमुख्यमंत्री को कह दिया है कि वो कोई बयानबाजी ऐसी ना करें जिसका असर चुनाव पर पड़ें। जय हिंद