प्रतीक यादव का निधन
३८ साल के प्रतीक यादव अब दुनिया में नहीं है। हमेशा फिट रहने वाले प्रतीक यादव की ऐसी मौत होगी ये भी किसी ने नहीं सोचा था। मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र प्रतीक यादव को वो सबकुछ नहीं मिला जिसके वो हकदार थे। पहले मां का साया चला गया फिर बाप का साया चला गया और मोहब्बत से जो शादी हुई थी उसमें दरार पड़ गई और वो मोहब्बत शादी के बाद परवान नहीं चढ़ी। एक शायर का शेर है-
मैं वो चिराग हूं जो आंधियों में रोशन था, खुद अपने घर की हवा ने बुझा दिया है मुझे।।
प्रतीक यादव के साथ भी कुछ ऐसा ही लगता है। 38 साल की उम्र में मौत होना वास्तव में लोगों को झकझौर दिया। सपा प्रमुख और भाई अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए इशारों-इशारों में बहुत कुछ बताया है। उन्होंने कारोबार में नुकसान का भी इशारा किया, उन्होंने कुछ बीमारी का भी इशारा किया, जाहिर है ये इशारा अपने आप में बहुत कुछ संकेत दे रहा है। स्कूल में जिनसे मोहब्बत हुई फिर शादी में बंधे उनकी पत्नी अपर्णा यादव के साथ जिस तरह की बातें बीच में आयीं थी आखिरकार क्या वो भी मौत का कारण हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि प्रतीक यादव का शरीर जब अस्पताल लाया गया था तब वो नीला था ये भी अपने आप में बड़ा सवाल है। लेकिन मामला हाईप्रोफाइल है इसलिए कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा। प्रतीक यादव के जीवन में बहुत कुछ उतार-चढ़ाव शुरू से रहा। सियासत में उनको वो स्थान नहीं मिला जिनको वो चाहते थे। पिता मुख्यमंत्री थे, भाई मुख्यमंत्री बना लेकिन वो अज्ञातवास में ही रहे। पत्नी अपर्णा यादव भाजपा में शामिल हो गई, महिला आयोग की अध्यक्ष बन गई और प्रतीक यादव जहां थे वहीं रहे। इस बीच कारोबार को लेकर भी बहुत चर्चाएं रहीं। बड़े घर में रहने वाले लोग भी बाहर से जरूर आपको खुश दिखाई देते होंगे लेकिन अंदर से वो कितने टूटे होते होंगे इसका अंदाजा बाद में ही होता है। बहरहाल, प्रतीक यादव के निधन से बहुत सवाल पैदा हो गये हैं और इन सवालों का जवाब मिलेगा या नहीं ये भी अपने आप में सवाल है। जय हिंद