गाजियाबाद (युग करवट)। नारी वंदन शक्ति अधिनियम लोकसभा में पास न होने के बाद इसको लेकर सोमवार को नगर निगम की बोर्ड बैठक में निंदा प्रस्ताव पर चर्चा हुई। करीब एक घंटे चली चर्चा और पार्षदों के विचारों के उपरांत हाथ उठाकर निंदा प्रस्ताव को पास किया। हालांकि इस दौरान कई बार हंगामे की स्थिति भी बनी। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि लोकसभा में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए केन्द्र द्वारा नारी वंदन शक्ति अधिनियम को रखा गया लेकिन विपक्ष ने ना सिर्फ इस बिल को गिरा दिया बल्कि सदन से बाहर निकल कर जिस तरह इस बिल के गिरने पर खिल्ली उड़ाई, मजाक बनाया वह बिल का मजाक नहीं बल्कि देश की महिलाओं का अपमान है। खिल्ली उड़ाकर देश की महिलाओं को अपमानित करने का काम किया गया है। अगर महिलाओं की भागीदार राजनीति में बढ़ती तो देश की तरक्की बढ़ती, लेकिन कुछ लोगों को यह मजंूर नहीं था। इसलिए इस मामले पर निंदा प्रस्ताव को पास कर राष्टï्रपति के पास भेजा जाएगा। इस प्रस्ताव पर पार्षदों ने हाथ उठाकर अपनी सहमति प्रदान की। इस दौरान नगरायुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक, कार्यकारिणी उपाध्यक्ष प्रवीन चौधरी, राजीव शर्मा, नीरज गोयल, प्रदीप चौधरी, राहुल, सुमन जाटव, शीतल चौधरी, अजय शर्मा, मनोज त्यागी, सुनील यादव, पप्पू नागर, छाया त्यागी, मधुकर त्यागी, सरदार पम्मी, सुमन जाटव आदि पार्षद व नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे।
बोर्ड बैठक में महिला पार्षदों ने निंदा प्रस्ताव पर अपनी बात रखी
पार्षद ज्योति चौहान ने महिलाओं के इस बिल के गिरने पर परिवादियों ने बाहर निकल कर जश्न मनाया, उस पर भी निंदा प्रस्ताव पास किया जाए। एक ओर से लडक़ी हूं लड़ सकती हूं कहते हैं और दूसरी ओर इस बिल को पास न कराकर आम महिलाओं को आगे देना नहीं चाहते। पार्षद शीतल चौधरी ने अपनी बात रखते हुए पप्पू यादव के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उनकी खुद की पत्नी भी सांसद हैं, क्या वह भी इन्हीं हालातों में से होकर निकली हैं, जैसा उन्होंने अन्य महिलाओं के लिए कहा है। शीलत ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ पीएम की लड़ाई नहीं है, सभी महिलाओं की लड़ाई है। यह हमारा अधिकार है, कोई हम पर अहसान नहीं कर रहा है। क्या सिर्फ परिवारवाद की महिला ही सांसद, विधायक बन सकती हैं, आम महिलाएं ना बनें। यह प्रस्ताव जरूरत पास होना चाहिए बल्कि हमें 51 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए।
पार्षद मनोज त्यागी ने कहा कि यह बिल महिला की शक्ति को बढ़ाने वाला बिल है। इस बिल को पास कराने के लिए जो भी शक्ति लगानी होगी, उसका इस्तेमाल किया जाएगा लेकिन यह बिल लागू करवाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। विपक्ष के पार्षद अजय शर्मा ने कहा कि 430 सीटों वाली विधानसभा में 47 महिलाएं हैं। अगर निंदा प्रस्ताव लाना है जो उसे विधानसभा में भी लाया जाए। निगम में भी 51 फीसदी आरक्षण लागू हो, विधानसभा में भी लागू हो।