स्वास्थ्य विभाग लगातार कर रहा एडवाइजरी जारी

गाजियाबाद (युग करवट)। इन दिनों भीषण गर्मी के साथ ही गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। दिन का तापमान अब 45 डिग्री तक पहुंच रहा है। इसकी वजह से लोगों की सेहत पर भी इस बढ़ते तापमान का असर पड़ रहा है। अस्पतालों में डिहाईड्रेशन और पेट संक्रमण के मरीजों की संख्या लगातार बढऩे पर है। डॉक्टर्स की ओपीड़ी में भी एकदम से तीस फीसदी मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ। बच्चे सबसे अधिक डिहाईडे्रशन की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने अभी तापमान इसी तरह से बरकरार रहने का अंदेशा जताया है। जंक फूड मरीजों को पेट के संक्रमण का शिकार बना रहा है। चिकित्सकों की मानें तो इस मौसम में खानपान को लेकर विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। विशेषकर लू से बचाव रखें और पानी पर्याप्त मात्रा में पीएं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाओं को बढ़ाया जा रहा है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ.आरके सिंह ने बताया कि मरीजो के लिए पर्याप्त मात्रा में ओआरएस घोल व अन्य जरूरी दवाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा मरीजों के लिए बड़े-बड़े कूलर लगातार चल रहे हैं ताकि मरीजों का गर्मी से बचाव हो सके। उन्होंने कहा कि उच्च तापमान लोगों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है, जिसके कारण शरीर में पानी की कमी (डिहाईड्रेशन) एवं ऐठन की शिकायत आती है और कभी-कभी इसके कारण लोगों की मौत भी हो जाती है। हीट वेव से वृद्घ, बच्चे, गर्भवती महिलाओं, बीमार, मजदूर आदि वर्ग इससे अधिक प्रभावित होते हैं। ऐसे में जहां तक हो सके तेज धूप में निकलने से बचें।
हीट वेव में क्या करें बचाव
कड़ी धूप में विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर जाने से बचें। हल्के रंग के ढीले-ढाले और सूती कपडें पहनें। धूप में निकलते समय अपना सिर ढक कर रखें,कपडे टोपी या छाता का उपयोग करें। पर्याप्त और नियमित अन्तराल पर पानी पीतें रहें। सफर में अपने साथ पीने का पानी हमेशा रखें। खुद को हाइड्रेट रखने के लिए ओआरएस घोल, नारियल का पानी, लस्सी चावल का पानी, नीबू का पानी, छांछ, आम का पन्ना आदि घरेलू पेय पदार्थो का इस्तेमाल करें। मौसम व तापमान की जानकारी रहें। कमजोरी, चक्कर आने या बीमार महसूस होने पर तुरन्त डॉक्टर से सम्पर्क करें। अपने घर को ठंडा रखे, पर्दे, शटर आदि का इस्तेमाल करे। इसके अलावा भीषण गर्मी में अधिक श्रम वाली गतिविधि न करें। उच्च प्रोटीन वाले व बासी खाने से बचें। शराब, चाय,काफी, कार्बोनेटेड शीतल पेय से बचें,दोपहर में जब दिन का तापमान अधिक हो उस दौरान खाना पकाने से बचें।