विद्युत विभाग ने शुरू किया अभियान, उपभोक्ता झेल रहे कटौती
गाजियाबाद (युग करवट)। शहर में अचानक से बढ़े बिजली फाल्ट को लेकर विद्युत विभाग खासा परेशान था। पिछले एक महीने से लगातार कभी कहीं, कभी कहीं तार टूटने की शिकायत विभाग को मिल रही थी। विद्युत विभाग ने जब इन फाल्ट को लेकर जांच कराई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। विद्युत विभाग की जांच में पता चला कि बड़े पैमानों पर विभिन्न क्षेत्रों में बिजली चोरी के कारण फाल्ट की घटना हो रही है। बिजली चोरों के कारण उन उपभोक्ताओं को कटौती का सामना करना पड़ रहा है, जो नियमित रूप से बिल भुगतान करने के बाद भी मुश्किलें झेल रहे हैं, इसका खुलासा होने के बाद विद्युत विभाग ने बिजली चोरी पकड़ो अभियान शुरू कर दिया है। विभागीय जानकारी के अनुसार अकबरपुर बहराम पुर, विजयनगर, लालकुआं आदि कई क्षेत्रो में पिछले एक महीने से लगातार फाल्ट की शिकायतें मिल रही थी। बार-बार फाल्ट ठीक किया जाता, लेकिन फिर से तार टूट जाते। निर्धारित क्षेत्रों में ही एक महीने में फाल्ट की सैंकड़ों शिकायतें विभाग को मिली थी। जबकि विभाग की ओर से सप्लाई पूरी दी जा रही थी, लेकिन बार-बार फाल्ट होने से सैंकड़ों उपभोक्ताओं को समस्या का सामना करना पड़ रहा था। गाजियाबाद जोन मुख्य अभियंता पवन कुमार अग्रवाल ने बताया कि इस मामले की जांच जब एसडीओ के नेतृत्व में विभाग की टीम ने की तो पता चला कि इन क्षेत्रों में रात के समय बड़े स्तर पर बिजली चोरी की जा रही थी। ्र
लोग कटिया डाल कर एसी आदि का इस्तेमाल कर रहे थे, जिनके कनेक्शन दो किलो वाट लोड के थे, वह उससे अधिक लोड का इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे तार शार्टसर्किट के कारण टूट रहे थे।
जानकारी मिलने के बाद अब इन क्षेत्रों में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। कल भी करीब चार घरों में विभाग की टीम ने बिजली चोरी पकड़ी है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। विभाग की टीम ने बीस परिसरों की जांच की गई जिसमें तीन व्यक्तियों द्वारा सीधे तौर पर कटिया डालकर बिजली चोरी पकड़ी गई। तीन अन्य जगहों पर अनियमिता पाई गई तो वहीं जायका रेस्टोरेंट, डोसा सेंटर व आई स्मार्ट एजुकेशन में घरेलु कनेक्शन में सब मीटर लगाकर साढ़े छह किलोवाट का इस्तेमाल किया जा रहा था। दो अन्य जगहों पर मीटरों में छेड़छाड़ पाई गई जिन्हें भी टीम ने तत्काल बदलवाया। मुख्य अभियंता ने बताया कि बिजली चोरों के खिलाफ सख्ती से अभियान चलाया जाएगा ताकि फाल्ट की समस्या रोकी जा सके और उपभोक्ताओं को बिजली मिल सके।